ताज महल में बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

कोर्ट ने कहा कि ताज महल दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है. लोग दूसरी मस्जिदों में भी नमाज अदा कर सकते हैं  

ताज महल में बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ताजमहल दुनिया के 7 आश्चर्यों में से एक है लोग कहीं और नमाज अदा कर सकते हैं

खास बातें

  • बाहरी लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत से इनकार
  • सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार
  • स्थानीय प्रशासन ने लगाया था नियम
नई दिल्ली:

ताजमहल में जुमे की नमाज के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आगरा के ADM सिटी के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिस आदेश में कहा गया था कि आगरा से बाहर के लोगों को ताजमहल में बनी मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाज़त नहीं होगी. सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक है और उसको ऐसा ही बना रहने दिया जाए और उसकी खूबसूरती को नुकसान ना पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पर्यटक या बाहर से आए लोग कहीं दूसरी जगह नमाज अदा कर सकते हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में मांग की गई थी आगरा के बाहर के मुस्लिमों को भी नमाज अदा करने की इजाजत दी जाए. याचिका में आगरा के ADM सिटी के 24 जनवरी को उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें कहा गया था कि आगरा से बाहर के लोगों को ताजमहल में बनी मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

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याचिकाकर्ता की दलील थी कि ताजमहल की मस्जिद में हर शुक्रवार दोपहर एक से दो बजे के बीच स्थानीय लोगों को नमाज अदा करने की इजाजत है लेकिन बाहर से आए लोगों को वहां नमाज की अनुमति नहीं है जबकि रोजाना हजारों पर्यटक ताज में आते हैं. ऐसे में उन्हें भी नमाज अदा करने की इजाजत दी जानी चाहिए. शुरुआत में बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट जाना चाहिए लेकिन याचिकाकर्ता के जोर देने पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.

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