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रेप केस: पीपली लाइव के निर्देशक के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज, SC ने कहा-पीड़िता ने कभी 'I LOVE U' नहीं कहा होगा

पीपली लाइव के निर्देशक महमूद फारूकी को बलात्‍कार के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला अजनबियों की मुलाकात का नहीं है. यह एक रिश्‍ता है जहां दोनों एक-दूसरे को अच्‍छी तरह से जानते थे.

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रेप केस: पीपली लाइव के निर्देशक के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज, SC ने कहा-पीड़िता ने कभी 'I LOVE U' नहीं कहा होगा

पीपली लाइव के निर्देशक महमूद फारूकी को बलात्‍कार के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका को SC ने किया खारिज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पीपली लाइव के निर्देशक महमूद फारूकी को बलात्‍कार के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला अजनबियों की मुलाकात का नहीं है. यह एक रिश्‍ता है जहां दोनों एक-दूसरे को अच्‍छी तरह से जानते थे. 

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कोर्ट ने कहा कि यह एक मुश्किल केस है लेकिन हाईकोर्ट ने अच्‍छा फैसला दिया. याचिकाकर्ता की वकील विरिंदा ग्रोवर ने कोर्ट में दलील दी कि वह अच्छे दोस्त हैं और सहमति से सेक्‍स नहीं किया. उन्‍होंने कहा कि निचली अदालत में इस मामले में बहस ही नहीं हुई. इस पर कोर्ट ने महिला के एक ईमेल को दिखाया जिसमें उसने फारूकी को 'आई लव यू' लिखा था. अदालत ने वकील से कहा कि आपने भी कई मामलों में जिरह की होगी लेकिन कभी पीड़िता ने आरोपी को 'आई लव यू' नहीं कहा होगा. 

इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि दोनों दोस्‍त थे और एक दूसरे को जानते थे. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि वह कितनी बार मिले और कितनी बार ड्र्रिंक पी. वकील ने कहा कि वह दो बार मिले और एक बार दोनों ने एक दूसरे को किस किया. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हाईकोर्ट के आदेश में कोई हस्‍तक्षेप नहीं कर सकते हैं और अपील को खारिज करते हैं. 

सु्प्रीम कोर्ट में अमेरिका की रिसर्चर ने महमूद फारूकी को दिल्‍ली हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी और कहा था कि फारूकी के खिलाफ काफी साक्ष्‍य मौजूद है. इस मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सितंबर 2017 में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. 

वहीं अगस्त 2016 में पीपली लाइव फिल्म के सह-निर्देशक महमूद फारूकी को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई थी. साथ ही फारूकी पर कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था . फारूकी को कोलंबिया यूनिवर्सिटी की एक अमेरिकी शोधार्थी के रेप का दोषी पाया गया था.

यह मामला 28 मार्च, 2015 का है. महिला ने कोर्ट को बताया था कि बाद में फारूकी ने ई-मेल्स के जरिए उनसे माफी भी मांगी थी, हालांकि फारूकी ने इन आरोपों से इनकार किया था. पुलिस ने 29 जून, 2016 को अपनी चार्जशीट फाइल की थी, जिसमें इस बात का जिक्र था कि फारूकी ने अपने सुखदेव विहार स्थित आवास पर अमेरिका महिला के साथ रेप किया था. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से महमूद फारूकी के लिए ज्यादा से ज्यादा उम्र कैद की मांग की थी.

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दिल्ली पुलिस का कहना था कि फारूकी की वजह से देश का अपमान हुआ. पुलिस का यह भी कहना था कि चूंकि फारूकी समाज में एक अच्छा स्थान रखते हैं, तो उनके ऊपर अपने व्यवहार को अच्छा रखने की अधिक जिम्मेदारी बनती है.


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