नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की जमानत अर्जी का SC ने किया निस्तारण, जेल से हुए रिहा

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) का दावा है कि यादव सिंह द्वारा कथित रूप से 2004 से 2015 के बीच बड़ी संपत्ति अर्जित की गई थी.

नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की जमानत अर्जी का SC ने किया निस्तारण, जेल से हुए रिहा

शीर्ष न्यायालय ने यादव सिंह की जमानत याचिका का निस्तारण किया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह (Yadav Singh) की जमानत याचिका का सुप्रीम कोर्ट (Suprme Court) ने निस्तारण किया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यादव सिंह को जमानत दे दी है. यादव सिंह जेल से रिहा हो चुके हैं. मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाइकोर्ट को यादव सिंह की जमानत पर तुंरत सुनवाई करने के लिए कहा था. यादव सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी. यादव सिंह पर सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है. 

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) का दावा है कि यादव सिंह द्वारा कथित रूप से 2004 से 2015 के बीच बड़ी संपत्ति अर्जित की गई थी. सीबीआई के अनुसार, नोएडा में मुख्य अभियंता के रूप में सिंह और उनकी पत्नी की आय में क्रमशः 500 और 1,400 गुना वृद्धि हुई है. 

बता दें कि  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा प्राधिकरण के पूर्व मुख्य अभियंता यादव सिंह की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका बुधवार को मंजूर कर ली थी और सीबीआई अदालत द्वारा तय शर्तों को पूरा करने पर सिंह की रिहाई का निर्देश दिया था. यादव सिंह की याचिका मंजूर करते हुए अदालत ने कहा, "सीबीआई की यह दलील है कि लॉकडाउन के दौरान अदालतें बंद रहीं. लेकिन इस दौरान ऐसा तो नहीं है कि कोई अपराध नहीं हुआ और ना ही कोई गिरफ्तारी हुई. इसलिए सीबीआई की यह दलील उचित नहीं है. " 

Newsbeep

(भाषा के इनपुट के साथ)

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