सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन की याचिका पर फ्यूचर ग्रुप को जारी किया नोटिस

Amazon vs Future Group: अमेजन बनाम फ्यूचर ग्रुप मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NCLAT (National Company Law Appellate Tribuna) में चल रही कार्यवाही जारी रहेगी लेकिन कोई फाइनल आदेश नहीं आएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन की याचिका पर फ्यूचर ग्रुप को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि तीन हफ्ते में नोटिस का जवाब दिया जाए

नई दिल्ली:

Amazon vs Future Group: अमेजन बनाम फ्यूचर ग्रुप मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NCLAT (National Company Law Appellate Tribuna) में चल रही कार्यवाही जारी रहेगी लेकिन कोई फाइनल आदेश नहीं आएगा. अमेजन की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने कागजात ध्यान से पढ़े हैं, हम जानते हैं कि क्या हो रहा है लेकिन फिलहाल हम कोई खुलासा नहीं कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि तीन हफ्ते में नोटिस का जवाब दिया जाए और अगले दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल हो .सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि इस मामले में अब दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई में भी आगे नहीं बढ़ा जाएगा. 

बताते चलें कि अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन डॉट कॉम ने फ्यूचर ग्रुप-रिलांयस डील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अमेजन  का कहना है कि फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपना रिटेल बिजनेस बेचने की घोषणा करने से फ्यूचर ग्रुप ने उसके साथ अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया है. हालांकि, फ्यूचर ग्रुप सभी आरोपों से इंकार करता आया है.इस सौदे को पहले ही सीसीआई से मंजूरी मिल चुकी है और सेबी तथा सरकार ने कोई आपत्ति नहीं की है. 


दिल्ली हाईकोर्ट ने  फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) और रिलायंस रिटेल के बीच 24,713 करोड़ रुपये के कारोबार अधिग्रहण के सौदे के संबंध में एकल न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगा दी थी. पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और बाजार नियामक सेबी जैसे सांविधिक निकायों को सौदे के संबंध में कानून के अनुसार आगे बढ़ने से रोका नहीं जा सकता है. पीठ ने अमेजन को भी नोटिस जारी किया और 26 फरवरी तक एफआरएल की अपील पर उसका पक्ष मांगा है. उसके बाद इस मामले में रोजाना सुनवाई की जाएगी. 

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अमेजन ने इस सौदे पर सिंगापुर के आपातकालीन मध्यस्थता न्यायाधिकरण के अंतरिम आदेश को लागू कराने के लिये उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ के समक्ष अपील दायर की थी. न्यायाधिकरण ने फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ उसके 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया था.