सुप्रीम कोर्ट ने AIADMK को दो पत्तियों वाला चुनाव चिन्ह देने के फैसले पर फिर मुहर लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने वीके शशिकला की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी, कहा- शशिकला की पुनर्विचार याचिका में कोई योग्यता नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने AIADMK को दो पत्तियों वाला चुनाव चिन्ह देने के फैसले पर फिर मुहर लगाई

डीएमके और एआईएडीएमके के चुनाव चिन्ह.

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के EPS और OPS वाली AIADMK पार्टी को चुनाव चिन्ह के तौर पर दो पत्तियों को देने के फैसले पर फिर मुहर लगा दी है. कोर्ट ने वीके शशिकला की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शशिकला की पुनर्विचार याचिका में कोई योग्यता नहीं है और वह अपने पहले के फैसले पर ही कायम है. मार्च 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था और EPS और OPS की अगुवाई में AIADMK को दो पत्ती चुनाव चिह्न बहाल करने के पोल पैनल के फैसले की पुष्टि की थी. 

जयललिता के निधन और OPS के चले जाने के बाद AIDMK के विभाजन के बाद दो पत्ती को चुनाव आयोग द्वारा फ्रीज कर दिया गया था. बाद में OPS गुट का EPS ग्रुप में विलय हो गया और चुनाव आयोग में याचिका लगाई कि दो पत्तियों का चुनाव चिन्ह बहाल कर दिया जाए.

चुनाव आयोग ने माना था कि OPS और  EPS समूह ने AIDMK के बहुमत को बरकरार रखा है और उस गुट को दो पत्तियों के प्रतीक को बहाल कर दिया. इसे वीके शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.

फरवरी 2019 में उच्च न्यायालय ने ई पलानीस्वामी, सीएम और ओ पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाली AIADMK को दो पत्तियों के प्रतीक आवंटित करने के चुनाव आयोग के फैसले को बरकरार रखा. शशिकला ने शीर्ष अदालत में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी जिसे मार्च में खारिज कर दिया गया था.

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