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25 जनवरी को देशभर में रिलीज होगी पद्मावत, SC ने कहा-राज्य लोगों को सलाह दे सकता है कि फिल्म ना देखें

सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत फिल्‍म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं करेगा और सभी राज्‍यों को आदेश का पालन करने को कहा है. 

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25 जनवरी को देशभर में रिलीज होगी पद्मावत, SC ने कहा-राज्य लोगों को सलाह दे सकता है कि फिल्म ना देखें

पद्मावत की रिलीज को सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन करने से इंकार किया
  2. CJI ने कहा, सभी राज्यों को आदेशों का पालन करना होगा
  3. कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिका पर क्यों सुनवाई की जाए
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत फिल्‍म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं करेगा और सभी राज्‍यों को आदेश का पालन करने को कहा है.  श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना औऱ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा को सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ने कहा कि ये कोई इतिहास से छेड़छाड़ नहीं है. विशेषज्ञों ने फिल्म देखी है और इसमें डिस्‍कलेमर भी है. लोगों को समझना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया है इसका पालन होना चाहिए. राज्य लोगों को सलाह दे सकता है कि फिल्म ना देखें. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने करणी सेना के वकील से कहा कि आप दिक्कत पैदा करते हैं और फिर कोर्ट आते हैं.

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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने कहा है कि हमने आदेश जारी किया है और सभी राज्यों को आदेशों का पालन करना होगा. उन्‍होंने कहा कि ऐसे हालात पैदा नहीं होने चाहिए कि लोग कानून व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म पर बैन की मांग करे. 

सुप्रीम कोर्ट ने मध्‍य प्रदेश सरकार पर उठाए सवाल 
पद्मावत पर रोक को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कई सवाल उठाए. कोर्ट ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपको इस मामले में कोई ठोस कारण लेकर आना चाहिए था. कोर्ट ने याचिका पर सवाल उठाया जिसमें में कहा गया कि कुछ संगठन धमकी दे रहे हैं और हिंसा की दो घटनाएं एक स्कूल और दूसरी सिनेमाघर में हो चुकी है, ये फिल्म शांति भंग कर सकती है. इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसी याचिका पर क्यों सुनवाई की जाए. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या कुछ लोग कानून व्यवस्था में बाधा डाल रहे हैं तो क्या फिल्म को बैन किया जाए? कोर्ट ने आदेश जारी किया है, सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट दिया है, इसे समझना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी राज्‍यों में पद्मावत फिल्‍म की रिलीज को हरी झंडी मिल गई है. वहीं इस फिल्म को लेकर प्रदर्शन और तोड़फोड़ की खबरें कई जगह से आ रही हैं. उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है. हालांकि इस घटना के पीछे किसका हाथ है ये पता नहीं लग पाया है. लेकिन मामले के पीछे फिल्म पद्मावत का विरोध बताया जा रहा है.

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हरियाणा के गुरुग्राम के सोहना रोड के रहेजा मॉल में भी कल अचानक कुछ नकाबपोश बदमाश घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. मॉल के अंदर की आधा दर्जन से ज़्यादा दुकानों को निशाना बनाया गया और सिनेमा हॉल के टिकट काउंटर पर जमकर तोड़फोड़ की. 

आपको बता दें कि दोनों राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि इस फिल्म को रिलीज करने के फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाए क्योंकि इससे कानून व्यवस्था भंग हो सकती है. इससे पहले राजस्थान ने कहा था कि ये फिल्म 'संस्कृति पर चोट' बताया था लेकिन उसने नई याचिका में इस फिल्‍म के रिलीज होने से राज्‍य में शांति भंग होने का आंदेश जताते हुए फिल्‍म पर रोक की मांग की थी. 

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गौरतलब है कि फिल्म पद्मावत में कई तरह  की कांट-छांट के बाद सेंसर बोर्ड ने रिलीज करने की अनुमति दी थी लेकिन उसके बाद भी राजपूत समुदाय और करणी सेना की ओर से लगातार प्रदर्शन कर रहा है. चित्तौडगढ़ में सैंकडों महिलाओं ने जौहर स्वाभिमान रैली निकाली.  रैली के दौरान कुछ महिलाओं ने हाथों में तलवारें थाम रखी थी और उन्‍होंने कहा कि अगर पद्मावत फिल्‍म पर रोक नहीं लगाई गई तो वह जौहर करेंगी. कुल 1908 महिलाओं ने चित्तौड़गढ़ में जौहर करने के लिए रजिस्‍ट्रर किया है.

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