महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को इस साल आरक्षण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

महाराष्ट्र सरकार ने EWS के लिए 10% कोटा को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है.

महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को इस साल आरक्षण नहीं: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:

महाराष्ट्र में मेडिकल और डेंटल पीजी दाखिलों में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 10 फीसदी आरक्षण का मामला पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस साल ये कोटा लागू नहीं होगा. कोर्ट के इस फैसले का असर 25 छात्रों पर पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दाखिला प्रक्रिया नवंबर 2018 में शुरू हुई जबकि EWS आरक्षण जनवरी में लागू हुआ. महाराष्ट्र सरकार ने सात मार्च को इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया. दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे लागू नहीं किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ये अंतरिम आदेश जारी किया है.

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वहीं महाराष्ट्र सरकार ने EWS  के लिए 10% कोटा को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है. राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा कि कोई भी अंतर्विरोध प्रवेश की पूरी प्रक्रिया को बाधित करेगा. दरअसल जनहित अभियान नामक संगठन ने महाराष्ट्र में मेडिकल व डेंटल पीजी दाखिलों में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 10 फीसदी आरक्षण देने का विरोध किया है और इसे रद्द करने की मांग की है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार से उसका पक्ष पूछा था.

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