NDTV Khabar

किसी भी सूरत में NRC सत्यापन का काम नहीं रुकेगा : असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर मामले पर सुप्रीम कोर्ट

असम में विदेशियों की पहचान कर वापस भेजने के लिए नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स यानी NRC बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम को और वक्त देने से इनकार कर दिया.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
किसी भी सूरत में NRC सत्यापन का काम नहीं रुकेगा : असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर मामले पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: असम में विदेशियों की पहचान कर वापस भेजने के लिए नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स यानी NRC बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम को और वक्त देने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को कहा कि कोर्ट का काम ही असंभव को संभव बनाना है. NRC बनाने का जो काम एक बड़ा मजाक माना जा रहा था, वो हकीकत होने जा रहा है. ये कोर्ट ही है जो इस मामले में अपना बेस्ट दे रहा है.

यह भी पढ़ें - असम: NRC का पहला मसौदा जारी, 3 करोड़ नागरिकों की लिस्‍ट में 1.9 करोड़ वैध नागरिक

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी सूरत में एनआरसी का काम नहीं रुकेगा. कोर्ट ने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए एनआरसी के कॉर्डिनेटर और उनकी टीम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. ना ही इसके लिए अन्य कॉर्डिनेटर की नियुक्ति होगी. कोई भी स्थिति हो एनआरसी का काम जारी रहेगा और इसके लिए और वक्त नहीं दिया जाएगा. 
 
कोर्ट ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए आप आप बाहर से लोग लाइए, बल लाइए, लेकिन एनआरसी का काम नहीं रुकेगा. कोर्ट ने कहा कि कॉर्डिनेटर की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर-जनवरी में 38 लाख आवेदनों का सत्यापन हुआ है और इस साल 31 मई तक अगले एक करोड़ आवदेनों का सत्यापन हो जाएगा. इस तरह कुल 2.99 करोड़ लोगों का सत्यापन हो जाएगा. इसके बाद 30 जून तक एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट तैयार होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस शेड्यूल पर निगरानी करता रहेगा और 27 मार्च को अगली सुनवाई करेगा.

यह भी पढ़ें - मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, एनआरसी की तारीख बदलने का था मामला

टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से AG के के वेणुगोपाल और असम की ओर से ASG तुषार मेहता की दलीलों को ठुकरा दिया कि कई कारण हैं कि राज्य में NRC के काम में देरी हो सकती है. इसमें स्थानीय निकाय के संभावित चुनाव भी एक वजह है. इसलिए NRC के लिए और 31 जुलाई तक वक्त दिया जाए. AG ने कहा कि असम में अच्छा काम हो रहा है. लेकिन जस्टिक रंजन गोगोई और जस्टिस रोहिंग्टन नरीमन की बेंच ने कहा कि हमें कई बार सब पता होता है, लेकिन हम कहते हैं कि हमें नहीं पता. ये सिर्फ कोर्ट है जो अपना बेस्ट दे रहा है. 

VIDEO: NRC से क्या पता चलेगा कौन है अवैध निवासी?


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement