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पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले की सुनवाई बुधवार को

पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव को इजाजत दी है कि वह चुनाव आयोग के फैसलों के रिकॉर्ड दाखिल करने की अनुमति दी है.

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पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले की सुनवाई बुधवार को

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव को इजाजत दी है कि वह चुनाव आयोग के फैसलों के रिकॉर्ड दाखिल करने की अनुमति दी है. अब मामले की सुनवाई बुधवार को होगी. कांग्रेस सांसद की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा है कि  चुनाव आयोग ने इन शिकायतों का निपटारा किया है लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को विस्तार से देखने और गाइडलाइन जारी करने की जरूरत है.  इसके तहत कितने वक्त में शिकायतों का निपटारा किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के फैसले में कारण दिए जाएं. ये मामला सिर्फ आचार संहिता के उल्लंघन का नहीं है बल्कि जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत है. सिंघवी ने कहा  पीएम मोदी के खिलाफ 6 मामलों में  5 में असहमति थी. कांग्रेस को विस्तार से कारण भी नहीं बताए गए. ऐसे ही बयानों पर दूसरी पार्टियों के नेताओं को सजा दी गई.

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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सोमवार तक पीएम और शाह के खिलाफ शिकायतों पर फैसला करने को कहा था. कांग्रेस सासंद सुष्मिता देव की ओर से अभिषेक सिंघवी ने कहा कि 31 दिनों में दो का निपटारा किया है. इस रफ्तार से 270 दिनों से ज़्यादा का समय लगेगा. हमारी शिकायतों के बाद से अब तक चार चरणों मे 350 सीटों के चुनाव हो चुके हैं. कोई रिवाइंड बटन नहीं है.  इनकी गलतियों पर सज़ा देने का. इस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि बाकी 9 शिकायतों का निपटारा सोमवार से पहले तक कर दिया जाय.  दरअसल  कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने याचिका दाखिल कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वो 24 घंटे के भीतर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ शिकायतों पर फैसला करे. हालांकि इस बीच चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को उनके भाषणों के लिए क्लीन चिट दे दी है. 

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