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सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर के कुख्यात 'निठारी कांड' में जानें कब क्या हुआ....

आइए सिलसिलेवार तरीके से जानें, निठारी कांड से जुड़ा अब तक का पूरा ब्यौरा...

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सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर के कुख्यात 'निठारी कांड' में जानें कब क्या हुआ....

सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर के कुख्यात 'निठारी कांड' में जानें कब क्या हुआ.... (File Photo)

खास बातें

  1. कोर्ट ने सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर को फांसी की सजा सुनाई
  2. हालिया मामला पिंकी सरकार (20 साल) की हत्या से जुड़ा है
  3. रिम्पा हलदर हत्या मामले में कोली की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली थी
नई दिल्ली: सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर का नाम आपके ज़ेहन में अब भी ताज़ा होगा. सनसनीखेज निठारी हत्याकांड से जुड़े कई मामलों के केंद्र में इन्हीं दोनों का नाम है. अब गाजियाबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट ने निठारी कांड के दोषियों पर फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सुरेंद्र कोली और मोनिंदर पंढेर को फांसी की सजा सुनाई है.  इससे पहले गाजियाबाद की एक विशेष अदालत ने सनसनीखेज निठारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया था. हालिया मामला पिंकी सरकार (20 साल) की हत्या से जुड़ा है. पंढेर और कोली को इस मामले में अपहरण, बलात्कार और हत्या का दोषी पाया गया था.

आइए सिलसिलेवार तरीके से जानें, निठारी कांड से जुड़ा ब्यौरा : 

जनवरी 2015 -
रिम्पा हलदर हत्या मामले में सुरिंदर कोली की फांसी की सजा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उम्र क़ैद में तब्दील किया.

अक्टूबर 2014- सुरिंदर कोली की फांसी पर पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज की गई. उसे रिम्पा मामले में मौत की सजा दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुरिंदर कोली की फांसी की सज़ा पर अक्तूबर 29 तक के लिए रोक लगाई

मई 2010- सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सुरिंदर कोली को सात वर्षीय आरती की हत्या का दोषी करार दिया लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट सितंबर के महीने में ही पंढेर को बरी कर चुका थात जबकि कोली की सजा बरकरार रखी गई थी. 

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मई 2007 - सीबीआई ने पंढेर को अपनी चार्जशीट में 15 साल की रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपमुक्त कर दिया था. लेकिन बाद में अदालत की फटकार के बाद सीबीआई ने पंढेर को इस मामले में सह-अभियुक्त बनाया. पंढेर और कोली को दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई गई. 

फरवरी से अप्रैल 2007 - कोली और पंढेर को 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा गया और पिंकी के कंकाल की पहचान उसके सलवार सूट और चप्पलों से हुई.

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जनवरी 2007 - मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को पुलिस नार्को टेस्ट के लिए गांधीनगर ले कर गई. सीबीआई ने मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली से पूछताछ की और कुछ ही दिनों में जांच करने के लिए निठारी पहुंची जहां से और भी हड्डियां बरामद की गईं. इसी महीने इन दोनों के साथ  गाजियाबाद की एक अदालत परिसर में मारपीट हुई जब उन्हें पेशी के लिए वहां ले जाया गया था. 

दिसंबर 2006 - दिल्ली से सटे नोएडा इलाके में मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले और इसके बाद मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई को इंसानी हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंक दिया गया था. इसी जांच के बीच दो पुलिस कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया.



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