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सुरेश प्रभु ने कहा, रेल मंत्री से वाणिज्य मंत्री बनना डिमोशन नहीं

सुरेश प्रभु ने खुद को वाणिज्य मंत्री बनाए जाने पर कहा है कि वह इस नई जिम्मेदारी को देश में तीव्र आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने के एक अवसर के तौर पर देखते हैं.

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सुरेश प्रभु ने कहा, रेल मंत्री से वाणिज्य मंत्री बनना डिमोशन नहीं

सुरेश प्रभु की फाइल तस्वीर

नई दिल्ली:

सुरेश प्रभु ने केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल के तहत खुद को वाणिज्य मंत्री बनाए जाने पर कहा है कि वह इस नई जिम्मेदारी को देश में तीव्र आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करने के एक अवसर के तौर पर देखते हैं. उन्होंने खुद के डिमोशन होने की बातों को हास्यास्पद करार दिया. मंत्रिपरिषद में फेरबदल होने से पहले सुरेश प्रभु रेल मंत्री थे. उन्होंने कहा कि हर काम समान रूप से महत्वपूर्ण होता है. गौरतलब है कि ये कयास लगाए जा रहे थे कि सुरेश प्रभु को कैबिनेट से हटाया जा सकता है, लेकिन उन्हें रेल मंत्री के पद से हटा कर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई.

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प्रभु ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि प्रधानमंत्री ने मुझसे ‘मेक इन इंडिया,’ ‘स्टार्ट अप इंडिया’ और ‘भारत में कारोबार को आसान बनाने’ में कुछ करने को कहा है - ये सभी सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम हैं जिन्हें लागू किया जाना है. उन्होंने कहा कि उन्हें मिले नए मंत्रालय की जिम्मेदारी तीव्र आर्थिक विकास सुनिश्चित करना, रोजगार के और अधिक अवसर पैदा करना और अधिक निवेश लाना तथा और अधिक प्रतिस्पर्धा के लिए निर्यात को बढ़ाना है.

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राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह के शीघ्र बाद प्रभु ने ट्वीट कर कहा, 'सहयोग करने, प्रेम, सद्भावना के लिए रेल परिवार के सभी 13 लाख से अधिक लोगों का धन्यवाद. मैं इन यादों को हमेशा अपने साथ संजोये रखूंगा.' उन्होंने कैबिनेट में शामिल हुए नए सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'नई जिम्मेदारी के लिए #टीम मोदी के सारे सदस्यों को बधाई. अपने देश को बेहतर बनाना हम सभी का एक साझा मिशन है.'



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