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भारत के डोजियर में जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सारे सबूत, देखें आतंकी कैंप की तस्वीरें..

डोजियर में भारत ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी जानकारियों के साथ-साथ जैश के ट्रेनिंग कैंप की जानकारी भी साझा की है.

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भारत के डोजियर में जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सारे सबूत, देखें आतंकी कैंप की तस्वीरें..

भारत ने जैश के खिलाफ तैयार किया डोजियर

खास बातें

  1. आतंकी कैंप से जुड़ी हर जानकारी डोजियर में
  2. भारत ने जुटाए सभी सूबत
  3. अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान को अलग-थलग करने की तैयारी
नई दिल्ली:

भारत सरकार ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी कर ली है. यही वजह है कि भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हमले से पहले उससे जुड़ी तमाम जानकारियां जुटा ली हैं. भारत इस डोजियर को पाकिस्तान के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश करने जा रहा है. इस डोजियर में भारत ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी जानकारियों के साथ-साथ जैश के ट्रेनिंग कैंप की जानकारी भी साझा की है. इस डोजियर में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के रिश्तेदारों और उनके द्वारा तैयार किए गए आतंकवादियों की भी जानकारी साझा की गई है. 

 

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डोजियर में आतंकी कैंप के अंदर की फोटो भी

जैश-ए-मोहम्मद को लेकर तैयार किए गए डोजियर में भात ने बालाकोट में चलाए जा रहे आतंकी कैंप के अंदर की तस्वीरें भी साझा की हैं. इन तस्वीरों में साफ तौर पर दिख रहा है कि किस तरह से जैश अपने इस ट्रेनिंग कैंप में व्यवस्थित तरीके से आतंकियों को तैयार कर रहा था.

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सीढ़ी पर अलग-अलग के झंडे लगाए गए थे
ट्रेनिंग कैंप में तैयार होने वाले आतंकियों में दूसरे देश के लिए घृणा की भावना बढ़ सके इसके लिए कैंप के अंदर बनी सीढ़ियों पर अमेरिका, यूके, इजराइल जैसे देशों के झंडे छपवाए गए हैं. भारत ने डोजियर में इस तस्वीर को भी शामिल किया है. 

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मौलाना यूसुफ अजहर था प्रमुख
इस पूरे ट्रेनिंग कैंप का प्रमुख मसूद अजहर का बहनोई मौलाना यूसुफ अजहर था. भारत का दावा है कि वायुसेना के हमले में वह मंगलवार को मारा गया है. भारत सरकार के डोजियर में उसकी फोटो भी शामिल की है. साथ ही एक एसयूवी गाड़ी भी दिखाई गई है जिसका इस्तेमाल वह करता था. 

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आतंकियों को कोर्स भी कराता था जैश

भारत द्वारा तैयार डोजियर में बताया गया है कि किस तरह से जैश-ए-मोहम्मद अपने आतंकियों को किसी हमले से पहले विशेष तरह का कोर्स कराता था. ये सभी कोर्स जिहादियों को तैयार करने के लिए कराए जाते थे. जैश दो तरह का कोर्स कराता था, एक कोर्स जिहादियों के लिए तो दूसरा कोर्स आर्म्ड ट्रेनिंग का होता है. भारत सरकार ने अपने डोजियर में जिन जिहादी कोर्स का जिक्र किया है उनमें खास तौर पर दौरा-ए-तरबियाह, दौर तफसीर अयत एल जिहाद, दौरा-ए-असासियाह मुख्य रूप से शामिल हैं. जबकि आर्म्ड कोर्स में दौरौ-ए-जरार, दौरा-ए-अल-अरद मुख्य रूप से शामिल हैं. भारत सरकार ने इन कोर्स के तहत कराई जाने वाली चीजों की भी जानकारी जुटाई है. 

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ट्रेनिंग कैंप का टाइम टेबल की भी दी जानकारी

भारत सरकार ने बालाकोट में चल रहे जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप से जुड़ी अन्य जानकारियां भी अपने डोजियर में शामिल की है. डोजियर में ट्रेनिंग कैंप का टाइम टेबल भी साझा किया गया है. इसमें सुबह के नास्ते से लेकर रात सोने से पहले तक हर जानकारी साझा की गई है. 

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आतंकी कैंप में ट्रेनिंग लेने वालों की लिस्ट जारी

भारत द्वारा तैयार किए गए डोजियर में उन लोगों का भी नाम शामिल किया गया है जिन्हें जैश के ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग दी गई है. भारत ने अपने डोजियर में इन आतंकियों के नाम के साथ उनके घर का पता भी साझा किया है. 

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बता दें कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उनकी कमर तोड़ दी है. भारतीय वायुसेना (indian air force) ने पीओके के आतंकी कैंप पर सोमवार देर रात (Air strike on Terrorist Camp) हवाई हमला किया और उसके सारे कैम्पों को तबाह कर दिया. सरकारी सूत्रों के अनुसार वायुसेना की इस बड़ी कार्रवाई में करीब 300 आतंकवादी मारे गए हैं और इसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर का बहनोई यूसुफ अज़हर भी मारा गया है जो यह कैंप चला रहा था. भारतीय वायुसेना को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में 12 मिराज फाइटर जेट का सहारा लेना पड़ा. इतना ही नहीं, करीब 1000 किलो बम भी बरसाए गए. भारतीय वायुसेना के इस कार्रवाई का सभी राजनीतिक पार्टियों ने स्वागत किया है और सेना को बधाई दी है. हालांकि पाकिस्तान ने इस कार्रवाई के बाद एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें हालात को लेकर चर्चा की गई.

विदेश सचिव ने हमले की पुष्टि की
भारतीय वायुसेना द्वारा पीओके में स्थित आतंकी कैंपों पर हमले की खबरों की पुष्टि करते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने एक प्रेस वार्ता की. उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में फिर फिदायीन आतंकवादी हमलों की साज़िश रच रहा है, इसलिए उसे रोकने के लिए हमला करना ज़रूरी हो गया था. उन्होंने बताया, "बालाकोट का कैम्प जैश-ए-मोहम्मद का सबसे बड़ा कैम्प था... इसे जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर का बहनोई यूसुफ अज़हर संचालित कर रहा था, जो मारा गया है... ऑपरेशन का निशाना खासतौर से आतंकी अड्डे को बनाया गया था, ताकि नागरिकों को नुकसान न हो..." उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह आतंकियों के खिलाफ था, न की कोई मीलिट्री ऑपरेशन. 

हमले की खबरों के बीच बैठक
आतंकी कैंप पर हमले की खबरों के बीच प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 9:30 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में PM व गृहमंत्री के अलावा विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, वित्तमंत्री अरुण जेटली तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल भी शामिल थे. इस बैठक में हमले के बाद के हालात को लेकर चर्चा की गई. 

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