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सर्जिकल स्टाइक : पीओके के चश्मदीदों ने कहा, उस दिन सुने धमाके, लाशें ले जाते देखा

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सर्जिकल स्टाइक : पीओके के चश्मदीदों ने कहा, उस दिन सुने धमाके, लाशें ले जाते देखा

भारतीय सेना के जवान (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. एक अंग्रेजी अखबार ने किया चश्मदीदों से बात करने का दावा
  2. गांव वालों ने बयां की उस रात की हकीकत
  3. सर्जिकल स्ट्राइक पर भारत को मिला यूरोप से समर्थन
नई दिल्ली: पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तमाम दावे कर रहा है लेकिन अंग्रेजी अख़बार  इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उसने वहां के पांच चश्मदीदों से बात की जिन्होंने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि की है.

चश्मदीदों ने सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए बताया कि दुधनियाल में जली हुई इमारत देखी है. बता दें कि एलओसी से पार पीओके के भीतर 4 किलोमीटर अंदर दुधनियाल छोटा सा गांव है. चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने हमले वाली रात को बड़े धमाकों की आवाज़ सुनी थी.

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देखें वीडियो रिपोर्ट
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गांव के लोगों का कहना है कि लश्कर के लोगों ने गांव वालों को बताया था कि उनपर हमला हुआ था. इतना ही नहीं गांव वालों का कहना है कि हमले के बाद उन्होंने ट्रक में रखकर 5-6 शव ले जाते हुए देखा था और ऐसा लगता है कि ये लाशें दूसरे कैंप ले जाई गई थीं. (सर्जिकल स्ट्राइक को फिल्माया गया था, 'अंदर तक गए थे भारतीय जवान, सूरज निकलने से पहले लौटे')

इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार प्रवीण स्वामी ने एनडीटीवी से कहा कि लगता है कि एलओसी के पास स्ट्राइक हुए हैं. कितना असर हुआ यह अभी साफ नहीं हो पाया है. हमें पता चला है कि एक जगह से 5-6 शव निकले हैं. कम से कम तीन जगह हमले हुए और लश्कर के लोग मारे गए.(आइए जानें, क्या है सर्जिकल स्ट्राइक और सेना क्यों करती है इसका उपयोग... )

उन्होंने कहा कि कुपवाड़ा जिले के कुछ लोगों के रिश्तेदार उस पार रहते हैं उन लोगों से चैट का मौका भी मिला.

उधर, पीओके में आतंकियों के ऊपर भारत के सर्जिकल स्ट्राइक पर विदेशों से लगातार भारत को समर्थन मिल रहा है. अमेरिका, रूस, बांग्लादेश, अफ़गानिस्तान जैसे कई देशों के बाद अब यूरोपीय देश के सांसद ने भी भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है. पश्चिमी जगत से इस मामले में ये पहली प्रतिक्रिया है. ये समर्थन यूरोपीय संसद में पेश किए गए हस्ताक्षरित लेख के द्वारा दिया गया है. (सर्जिकल स्ट्राइक पर बोला हाफिज़ सईद, पाकिस्‍तान लेगा भारत से बदला, अमेरिका भी नहीं बचा पाएगा)

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इस प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक पर यूरोप के साथ होने की बात कही गई है. कहा गया है कि  भारत की कार्रवाई का स्वागत हो. साथ ही कहा गया है कि भारतीय सेना का रवैया पेशेवर है. भारत अब सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले का जवाब है.

प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि ये हमला पाकिस्तान पर नहीं बल्कि आतंकियों पर है. संसद में पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि पाकिस्तान में उभर रहे आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग को समर्थन दिया जाना चाहिए. यूरोपीय देशों को आशंका है कि आतंकियों पर क़ाबू नहीं किया तो यूरोप पर भी हमले होंगे. (सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्तान के जवाबी हमले के लिए सरकार 'सतर्क')


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