सुशांत केस को लेकर शरद पवार ने पार्थ पवार को फटकारा तो उठे सवाल, शिवसेना ने कहा- इतना बवाल क्यों?

शरद पवार के रिश्तेदार पार्थ पवार की ओर से सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करने और शरद की उनकी आलोचना करने से पैदा हुए हुए विवाद पर शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि इस पर इतना बवाल मचाने की क्या जरूरत है.

सुशांत केस को लेकर शरद पवार ने पार्थ पवार को फटकारा तो उठे सवाल, शिवसेना ने कहा- इतना बवाल क्यों?

शरद पवार के पार्थ पवार को झिड़कने पर मचा बवाल, तो बचाव में उतरी शिवसेना. (फाइल फोटो)

मुंबई:

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) के रिश्तेदार पार्थ पवार (Parth Pawar) की ओर से सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की सीबीआई जांच (CBI probe into Sushant Singh Rajpur's death) कराने की मांग करने और शरद की उनकी आलोचना करने से पैदा हुए हुए विवाद पर शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि इस पर इतना बवाल मचाने की क्या जरूरत है. अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से पार्थ की निंदा की थी. शिवेसना ने अपने मुखपत्र ‘सामना' में न्यूज चैनलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वे मुद्दे को जबरदस्ती तूल दे रहे हैं'. इसमें कहा गया है कि कि शरद पवार ने जो भी कहा, उसमें कुछ भी गलत नहीं है.

सामना के संपादकीय में कहा गया, ‘ये लोग (न्यूज चैनल) अपनी रोजी-रोटी के लिए बिना बात के बवाल पैदा करते हैं. शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं और राजनीतिक दल के मुखिया हैं, वह उसको डांट सकते हैं. बाल ठाकरे ने भी ऐसा कई बार किया था.'
संपादकीय में कहा गया, ‘जब आपकी जबान नियंत्रण में नहीं होती, तो आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है. अजित पवार भी इस समस्या से गुजरे हैं.'

इसमें कहा गया है, ‘अब वह अपने आप पर नियंत्रण रखते हैं. उनके बेटे पार्थ राजनीति में नए हैं और इसलिए उनके बयानों से विवाद पैदा होते हैं. कई वरिष्ठ और अनुभवी राजनेताओं ने भी सीबीआई जांच की मांग की है.' यह इशारा भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस की ओर था. मराठी अखबार ने कहा, ‘पवार ने पार्थ को रोकने के लिए केवल यह टिप्पणी की. इस पर इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है?' इससे पहले शरद पवार ने बुधवार को कहा था कि पार्थ द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग का कोई महत्व नहीं है. पवार ने पार्थ को ‘अपरिपक्व' करार दिया था और उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग शुरू हो गई थी.

बता दें कि 34 साल के सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे. पार्थ 27 जुलाई को महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख से मिले थे और उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी.

Video: सुशांत केस में मुंबई पुलिस के साथ एनसीपी प्रमुख शरद पवार

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)