सुशांत सिंह का हॉस्पिटल में हुआ था चेकअप, कहा था-हमेशा डरा हुआ महसूस करता हूं : डॉक्‍टर

सुशांत का इलाज करने वाले दो साइक्रेटिस्‍ट में से एक ने अपने बयान में बताया है कि सुशांत को नवंबर में मुंबई में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. यह डॉक्‍टर सुशांत की 14 जून को हुई मौते के मामले में सीबीआई जांच का हिस्‍सा है.

सुशांत सिंह का हॉस्पिटल में हुआ था चेकअप, कहा था-हमेशा डरा हुआ महसूस करता हूं : डॉक्‍टर

सुशांत को 14 जून को अपने आवास पर मृत पाया गया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  • सुशांत की मैनेजर श्रुति मोदी ने किया था डॉक्‍टर को फोन
  • 27 नवंबर को उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था
  • उन्‍हें 30 नवंबर को किया गया था डिस्‍चार्च
मुंंबई:

Sushant Singh Rajput case: 'सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) को नवंबर 2019 में इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी मैनेजर श्रुति मोदी (Manager Shruti Modi)ने बताया था कि उन्‍हें (सुशांत) की बेहद जरूरत है.बॉलीवुड एक्‍टर का इलाज करने वाले डॉक्‍टरों में से एक ने मुंबई पुलिस को (Mumbai Police) यह जानकारी दी. इस वर्ष जनवरी में रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) ने डॉक्‍टरों से एक बार फिर सुशांत को अस्‍पताल में भर्ती करने को कहा था. हालांकि रिया में बाद में कहा था कि बॉलीवुड एक्‍टर ने इससे इनकार कर दिया और वे अपनी बहन के पास चंडीगढ़ जाना चाहते हैं.

डॉक्टरों ने पुलिस को बताया- सुशांत राजपूत को था गहरा डिप्रेशन, दवाएं कर दी थीं बंद

सुशांत का इलाज करने वाले दो साइक्रेटिस्‍ट में से एक ने अपने बयान में बताया है कि सुशांत को नवंबर में मुंबई में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. यह डॉक्‍टर सुशांत की 14 जून को हुई मौते के मामले में सीबीआई जांच का हिस्‍सा है. अस्‍पताल के इलाज का इंतजाम करने वाले डॉक्‍टर ने मुंबई पुलिस को बताया कि उसे पिछले साल 25 नवंबर को श्रुति मोदी का काल आया था. श्रुति ने सुशांत के फोन से यह कॉल किया था और बॉलीवुड एक्‍टर से मिलने के लिए कहा था. इस डॉक्‍टर के अनुसार, उसी रात श्रुति ने फिर फोन किया था और मीटिंग कैंसल कर दी थी. डॉक्‍टर के अनुसार, सुशांत ने कहा था कि वे हमेशा खुद को भयभीत महसूस करते हैं.

इस डॉक्‍टर ने कहा, '27/11/2019 को श्रुति मोदी ने मुझे व्‍हाट्एप पर मैसेज पर उसी दिन शाम तीन बजे का अपाइंटमेंट फिक्‍स किया. वह मेरे क्‍लीनिक में अकेली आई थीं और झसे सुशांत के चेकअप और इलाज का आग्रह किया. उन्‍होंने कहा था कि उसे (सुशांत को) इलाज की बेहद जरूरत है. उन्‍होंने यह भी पूछा था कि क्‍या मैं उसे (सुशांत को) भर्ती कर सकता हूं.' इस डॉक्‍टर ने बताया, उन्‍होंने हिंदुजा हेल्‍थ केयर अस्‍पताल फोन करके सुशांत को स्‍पेशन प्राइवेट रूम में एडमिट करने को लेकर डॉक्‍टरों से चर्चा की थी. उन्‍होंने गोपनीयता (confidentiality) बरतने को कहा था. सुशांत को इसी दिन अस्‍पताल में भर्ती किया गया था.  

बयान में कहा गया है, 'इसके बाद 28/11/2019 को सुबह 9 बजे के करीब हिंदुजा हेल्‍थ केयर सेंटर में विजिट के दौरान मैं सुशांत से पहली बार मिला और उनका परीक्षण किया. उस समय उन्‍होंने मुझे ठीक से सो नहीं पाने, भूख नहीं लगने, जिंदगी में कोई भी चीज का मजा नहीं आने,  जीने की इच्‍छा नहीं होने और हर समय डर महसूस करने जैसी बातें कही थीं. मैंने प्राथमिक जांच में पाया कि सुशांत सिंह राजपूत डिप्रेशन और चिंता से ग्रसित थे. उन्‍होंने मुझे बताया था कि ये लक्षण वे पिछले 10 दिन से महसूस कर रहे हैं.' इस डॉक्‍टर के अनुसार, 'सुशांत ने मुझे जताया था कि वे डिप्रेशन के लक्षण पिछले 10 दिन से महसूस कर रहे हैं लेकिन मैंने उनमें इस बीमारी के लक्षण और लक्षणों की गंभीरता से पाया कि उन्‍हें यह बीमारी काफी लंबे समय से हैं.' डॉक्‍टर ने कहा कि उन्‍होंने सुशांत के केस पेपर में 'गंभीर चिंता व डिप्रेशन तथा existential crisis की बात लिखी थी.'

'सुशांत सिंह के शब्‍दों में कुछ भी उनकी इच्‍छा के मुताबिक नहीं हो रहा और वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, यह स्‍पष्‍ट था लेकिन इसका कारण दिमाग में नकारात्‍मक विचार आना प्रतीत हो रहा था. परीक्षण के दौरान इस तरह के विचार का कोई बाहरी कारण नहीं दिख रहा था. थायराइड की कमी, विटामिन B12 & D3 की कमी, हीमोग्‍लोबिन की कमी और मस्तिष्‍क में कुछ कैमिकल्‍स के असंतुलन के डिप्रेशन हो सकता है. कुल रोगी अनुवां‍शिक कारणों से चिंता और डिप्रेशन में आ जाते हैं. जांच के दौरान मैंने सुशांत से पूछा कि क्‍या उन्‍हें खुदुशी के विचार आते हैं, इसका जवाब उन्‍होंने नहीं में दिया था.'34 वर्षीय एक्‍टक्‍र को डिप्रेशन और बेचैनी को कम करने के लिए दवाएं दी गई थीं.

'इसके बाद 29 नवंबर की सुबह, हिंदुआ हेल्‍थ केयर हॉस्पिटल के नॉर्मल विजिट के दौरान सुशांत ने मुझसे पूछा था कि क्‍या वे धूम्रपान कर सकते हैं, मैंने इस डिमांड को ठुकरा दिया था, इसके बाद मैं नियमित रूप में सुशांत को अस्‍पताल में देख रहा था.'  इस डॉक्‍टर के अनुसार, सुशांत ने तीन दिन के अंदर अस्‍पताल छोड़ दिया था.

डॉक्‍टर ने मुंबई पुलिस को बताया, 'इसके बाद 30/11/2019 को दोपहर 12 बजे के आसपास सुशांत सिंह ने हॉस्पिटल स्‍टॉफ के समक्ष घर जाने के लिए उन्‍हें डिस्‍चार्ज करने की इच्‍छा मजबूती से जताई. चूंकि वे रिकवर कर रहे थे और उन्‍होंने दवाएं समय पर लेने का वादा किया था, ऐसे में स्‍टाफ से चर्चा के बाद सुशांत को उनकी इच्‍छा के अनुसार डिस्‍चार्ज कर दिया था. डिस्‍चार्ज किए जाने के समय सुशांत के साथ उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती थी थी.' अगले साल जनवरी माह के मध्‍य में रिया चक्रवर्ती ने डॉक्‍टर से पूछा कि सुशांत भारी डिप्रेशन में है और क्‍या उसे फिर से अस्‍पताल में भर्ती कराया जा सकता है, इस पर डॉक्‍टर ने कहा-वह उन्‍हें एक अन्‍य एक्‍सपर्ट को रैफर कर सकते है क्‍योंकि वह ट्रेवल कर रहे थे लेकन रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सुशांत अस्‍पताल में एडमिट होना नहीं चाहता, वह अपनी बहन के पास चंडीगढ़ जाना चाहता है. 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : NDTV उन दस्तावेज़ों के आधार पर रिपोर्ट कर रहा है, जो सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच का हिस्सा रहे हैं, क्योंकि जांचकर्ताओं का फोकस उनके मानसिक स्वास्थ्य पर रहा है. NDTV की रिपोर्ट में सिर्फ उन्हीं तथ्यों को सामने लाया गया है, जो केस को समझने के लिए आवश्यक हैं, आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित हैं, और जांचकर्ताओं की जानकारी में लाए गए हैं.

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