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भारत ने दबाव या धन के लाभ के लिए पेरिस समझौते पर दस्तखत नहीं किए : सुषमा स्वराज

सुषमा ने पीएम नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा, क्योंकि उनकी कोशिशों के चलते ही अन्य देश जब भी जरूरत हुई भारत के साथ खड़े होने को तैयार हो गए. 

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भारत ने दबाव या धन के लाभ के लिए पेरिस समझौते पर दस्तखत नहीं किए : सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज ने मोदी सरकार की 3 साल की उपलब्धियां गिनवाईं

खास बातें

  1. दुनियाभर के देशों के साथ भारत के संबंधों में सुधार हुआ है
  2. विदेशों में रह रहे भारतीयों का आत्मविश्वास बढ़ा
  3. आतंकवाद के चलते पाक के साथ वार्ता नहीं
नई दिल्ली: विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की 3 साल की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया. सुषमा ने पीएम नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा, क्योंकि उनकी कोशिशों के चलते ही अन्य देश जब भी जरूरत हुई भारत के साथ खड़े होने को तैयार हो गए. 

सुषमा स्वराज की कही खास बातें
  • विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि पिछले तीन साल में विदेशों में फंसे 80 हजार से ज्यादा लोगों को भारत वापस लाया गया है.
  • 3 साल पहले राजग सरकार के गठन के बाद विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में 37.5 प्रतिशत की वृद्धि
  • डोनाल्ड ट्रंप के दौर में भारत-अमेरिका संबंध उसी तरह प्रगति कर रहे हैं जिस तरह से ओबामा के राष्ट्रपति काल में प्रगति कर रहे थे
  • भारत ने पेरिस समझौते पर दबाव या धन के लाभ के लिए दस्तखत नहीं किए
  • हमने चीन की ‘एक बेल्ट एक रोड’ परियोजना का विरोध भारत की संप्रभुता के चलते किया
  • चमोली जिले में भारतीय वायुसीमा में चीनी हेलीकॉप्टरों के आने पर सुषमा ने कहा, भारत चीन के समक्ष वायुसीमा उल्लंघन का मामला उठाएगा.
  • भारत चाहता है कि एनएसजी में उसकी सदस्यता का समर्थन करने वाले देश चीन के समर्थन के लिए चीनी नेताओं से बात करें
  • भारत पाकिस्तान के साथ अपने सभी मामले द्विपक्षीय आधार पर हल करना चाहता है लेकिन वार्ता और आतंकवाद दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते.
  • दुनियाभर के देशों के साथ भारत के संबंधों में सुधार हुआ है. लगभग हर राष्ट्र के साथ अब हमारे अच्छे संबंध हैं.
  • आज विदेशों में रहने वाले भारतीयों को अपने देश गर्व है. उनका आत्मविश्वास भी इस समय काफी बढ़ा हुआ है.
  • अब विदेशों में जा रहे भारतीयों को इस बात का विश्वास है कि भारतीय उच्चायुक्त, दूतावास और अधिकारी हर समय उनकी आवश्यकता के मुताबिक-एक बटन के क्लिक और फोन कॉल पर उपलब्ध हैं.
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  • हमारी सरकार प्रभावी कूटनीति और कुशल अदायगी पर विश्वास करती है. हमने इसे सिद्ध किया है.
  • पासपोर्ट के मामले में भी काफी सुधार हुआ है और प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. 
  • प्रधानमंत्री मोदी ने तीन बार राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है. हमारे अधिकारियों ने भी कई मौकों पर उनके साथ बातचीत की है. उनके साथ हर बातचीत सकारात्मक और अच्छी रही. (इनपुट्स भाषा से)



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