NDTV Khabar

डोकलाम मामले पर दुनिया भारत के साथ, चीन अपनी सेना हटाए: सुषमा स्‍वराज

उन्‍होंने यह भी कहा कि कोई भी देश अपने हिसाब से डोकलाम ट्राईजंक्‍शन को नहीं बदल सकता. भूटान के प्रति चीन ने आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है.

373 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
डोकलाम मामले पर दुनिया भारत के साथ, चीन अपनी सेना हटाए: सुषमा स्‍वराज

सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में चीन के साथ तनातनी पर रखी बात

खास बातें

  1. चीन के साथ तनातनी पर सुषमा ने राज्‍यसभा में रखी बात
  2. कहा-कानूनी तौर पर भारत इस मामले में मजबूत
  3. कोई भी देश अपनी मनमर्जी नहीं कर सकता
नई दिल्‍ली: चीन पर बढ़ती तनातनी के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में बोलते हुए कहा कि चीन, डोकलाम की मौजूदा स्थिति को अपने हिसाब से बदलना चाहता है. हालांकि मौजूदा गतिरोध पर कानूनी तौर पर भारत का पक्ष मजबूत है. दुनिया के तमाम देश भारत के साथ इस मसले पर खड़े हैं. उन्‍होंने यह भी कहा कि कोई भी देश अपने हिसाब से डोकलाम ट्राईजंक्‍शन को नहीं बदल सकता. भूटान के प्रति चीन ने आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है.

इससे पहले सोमवार को शुरू हुए मानसून सत्र से पहले चीन के साथ सीमा पर जारी विवाद के बीच संसद में इस मुद्दे के उठने की उम्मीद थी. सत्र से पहले यह कहा जा रहा था कि विपक्ष डोकलाम में भारत और चीन की सेनाओं के आमने-सामने होने का मुद्दा उठा सकती है. लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि विपक्ष सरकार को कूटनीतिक कदम उठाने के लिए अभी कुछ और समय दे सकता है. गौरतलब है कि भारतीय सेना ने चीन की सेना को इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया, जिसके बाद करीब एक माह से दोनों देशों की सेनाओं के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिली है.

यह भी पढ़ें- चीन के भीतर उठी आवाज, 'भारतीय सैनिकों को तुरंत खदेड़ा जाना चाहिए' : चीनी मीडिया
चीन मान ले कि भारत को महत्व देना जरूरी है : पूर्व अमेरिकी राजनयिक निशा देसाई ने दी सलाह
चीन के मुद्दे पर सरकार को समय देने के मूड में विपक्ष, संसद में फिलहाल नहीं उठाएगा डोकालाम मुद्दा


इससे पहले विदेश सचिव एस जयशंकर ने मंगलवार को एक संसदीय समिति को जानकारी देते हुए कहा था कि भारत तनाव कम करने के लिए राजनयिक माध्यम से चीन से बातचीत कर रहा है.

VIDEO: सुषमा ने चीन मामले पर राज्यसभा में रखी अपनी बात 
इस बैठक में मौजूद करीब 20 सदस्यों में से कुछ ने इस बारे में संवाददाताओं को बताया. विदेश सचिव ने समिति को बताया कि सीमा को लेकर भारत और चीन ने अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है लेकिन वे उसका गलत अर्थ लगा रहे हैं, जिसे भारत स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि एक एंग्लो-चीनी समझौते के अनुसार वर्ष 1895 से अब तक भारत के रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है.

यह भी पढ़ें- 
अमेरिका ने कहा, उत्तर और दक्षिण चीन सागर के देश संयम बरतें, उकसाएं नहीं
समंदर में भारत को घेरने के लिए चीन-पाकिस्तान ने बिछाया ये 'जाल', अब क्या करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी?
NDTV Exclusive: चीन की दादागिरी को भारत-अमेरिका-जापान मिलकर यूं दे रहे हैं चुनौती



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement