NDTV Khabar

तबरेज अंसारी की मौत मामले में झारखंड भवन में प्रदर्शन, हत्यारों पर धारा 302 लगाने की मांग

न्याय की हत्या के विरुद्ध यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन का घेराव किया और न्याय व संवैधानिक मूल्य को बचाने के लिए एकजुटता का आह्वान किया.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
तबरेज अंसारी की मौत मामले में झारखंड भवन में प्रदर्शन, हत्यारों पर धारा 302 लगाने की मांग

तबरेज अंसारी की मौत मामले में झारखंड भवन में प्रदर्शन

खास बातें

  1. तबरेज अंसारी की मौत मामले में झारखंड भवन में प्रदर्शन
  2. प्रदर्शनकारियों ने की हत्यारों पर धारा 302 लगाने की मांग
  3. प्रदर्शन में बड़ी तादाद में शामिल हुए लोग
नई दिल्ली:

झारखंड के सरायकेला खरसावां में तबरेज़ अंसारी की भीड़ द्वारा की गई लिंचिंग के आरोपियों के विरुद्ध हत्या की धारा 302 को हटाकर गैर इरादतन हत्या 304 लगाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस के इस रवैये और न्याय की हत्या के विरुद्ध यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ने दिल्ली स्थित झारखंड भवन का घेराव किया और न्याय व संवैधानिक मूल्य को बचाने के लिए एकजुटता का आह्वान किया. इस प्रदर्शन में बड़ी तादाद में सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र एवं शिक्षक, महिलाएं, बच्चे  और आम नागरिक शामिल हुए.

झारखंड: तबरेज अंसारी की मौत मामले में मेडिकल टीम ने कहा- कार्डियक अरेस्ट थी वजह लेकिन...

इस विरोध प्रदर्शन में आए हुए वक्ताओं ने कहा कि हम सभी ने 20 जून के आसपास लिंचिंग वीडियो देखा है, जिसमें तबरेज़ अंसारी को एक पोल से बांधा जा रहा था और बेरहमी से पीटा जा रहा था. उसको तड़पा-तड़पा कर मारा जा रहा था और हत्या करने वाले हत्यारों की पहचान करना मुश्किल नहीं था.  


चौंकाने वाली बात यह है कि झारखंड पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में आठ घंटे लग गए, उसने आरोपियों को गिरफ्तार करने की जगह तबरेज को ही हिरासत में ले लिया और उसे उचित चिकित्सकीय देखभाल देने और उसे अस्पताल में भर्ती करने की जगह जेल में डाल दिया. जहां तबरेज ने चार दिन बाद दम तोड़ दिया. तबरेज अंसारी की निर्मम हत्या के विरोध में पूरा देश भड़क गया था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन हुए थे.

झारखंड मॉब लिंचिंग केस: आरोपियों के खिलाफ नहीं चलेगा हत्या का मामला, पुलिस बोली- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट निकली मौत की वजह 

उसके बाद झारखण्ड पुलिस ने इस अपराध के लिए पप्पू मंडल और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया था. वक्ताओं ने आगे कहा कि ढाई महीने के बाद, हम यह जानकर स्तब्ध हैं कि इसकी चार्जशीट में उसी पुलिस ने हत्या का आरोप हटा दिया है और पुलिस स्पष्ट रूप से हत्यारों को बचाने का प्रयास कर रही है. बल्कि पुलिस की चार्जशीट ने तबरेज की मौत को एक स्वाभाविक घटना के रूप में चित्रित करने की कोशिश की है जो हृदयघात के कारण हुई है.

nhrisf2

वक्ताओं ने कहा कि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि उसकी मौत उस पिटाई का नतीजा थी जिसे उसे सहना पड़ा और साथ ही पुलिस द्वारा कर्तव्य पालन की जगह घोर लापरवाही की गई. हम लिंचर्स और हमलावरों की रक्षा करने के इस बेशर्म प्रयास को स्वीकार नहीं करेंगे, जिन्होंने उस रात तबरेज को अकेला नहीं मारा, बल्कि देश के संविधान को एक बार फिर से लपक लिया.

टिप्पणियां

कार्यक्रम के अंत में रेजिडेंट आयुक्त झारखंड भवन, नई दिल्ली के माध्यम से मुख्यमंत्री, झारखंड को एक ज्ञापन दिया गया जिसमे मांग की गई कि तबरेज अंसारी के हत्यारों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने के साथ उन पुलिस अधिकारियों को बुक करें जिन्होंने अपने कर्तव्य की उपेक्षा की और इसकी वजह से तबरेज अंसारी की मृत्यु हुई. 

उक्त ज्ञापन मे मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट की उस गाइडलाइन को लागू करें, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बनाम तहसीन पूनावाला के मामले में भीड़ को रोकने के लिए जारी किया था. आपके राज्य में लिंचिंग के मामलों की दर पूरी तरह से चिंताजनक है और 2018 में जारी की गई सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन की घोर अनदेखी की गई है. 



NDTV.in पर विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Elections 2019) के तहत हरियाणा (Haryana) एवं महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने जा रहे चुनाव से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरें (Election News in Hindi), LIVE TV कवरेज, वीडियो, फोटो गैलरी तथा अन्य हिन्दी अपडेट (Hindi News) हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement