दूरसंचार सचिव का कड़ा संदेश, 'कॉल ड्रॉप के लिए बहाने नहीं बना सकतीं दूरसंचार कंपनियां'

विभाग ने कंपनियों से कहा है कि वे इस मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम करें.

दूरसंचार सचिव का कड़ा संदेश, 'कॉल ड्रॉप के लिए बहाने नहीं बना सकतीं दूरसंचार कंपनियां'

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

दूरसंचार कंपनियों को कड़ा संदेश देते हुए दूरसंचार विभाग ने गुरुवार को कहा कि वे कॉल ड्रॉप की बढ़ती समस्या के लिए इस तरह के बहाने नहीं बना सकतीं कि मोबाइल टावर लगाने में दिक्कत आ रही है. विभाग ने कंपनियों से कहा है कि वे इस मुद्दे के समाधान के लिए मिलकर काम करें. दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने एक साक्षात्कार में कहा कि दूरसंचार विभाग 21 जनवरी के बाद इस बारे में कंपनियों के साथ बैठक करेगा.

यह भी पढ़ें - TRAI का सख्त फरमान, कॉल ड्रॉप होने पर लगेगा 10 लाख रुपये तक का जुर्माना

यह बैठक मोबाइल सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में दूरसंचार नियामक ट्राई की रपट आने के बाद होगी. सुंदरराजन ने कहा, ‘सरकार कॉल ड्रॉप व सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहुत चिंतित है। हम उद्योग जगत को यह बताना चाहते हैं कि यही स्थिति बनी नहीं रह सकती और उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने होंगे.’ टावर लगाने में मोबाइल कंपनियों को हो रही दिक्कतों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि इसे कॉल ड्रॉप के लिए बहाना नहीं बनाया जा सकता.

यह भी पढ़ें - कॉल ड्रॉप पर नए नियम एक सप्ताह में होंगे जारी : ट्राई

उन्होंने कहा कि कंपनियों को बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए निवेश करना होगा. दूरसंचार विभग ने राज्यों में दूरसंचार बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को उठाया है. सुंदरराजन ने कहा, ‘उद्योग को मिलकर काम करना होगा. उन्हें बुनियादी ढांचे में और अधिक निवेश करना होगा.’ उल्लेखनीय है कि दूरसंचार नियामक ने कॉल ड्रॉप को लेकर नये नियम एक अक्टूबर इसे लागू किए. दिसंबर को समाप्त तिमाही के लिए इन नये नियमों के तहत पहली रपट आनी है. कॉल ड्रॉप से आशय मोबाइल से बात करते समय फोन कॉल का अचानक कट जाने से है.

Newsbeep

VIDEO: कॉल ड्रॉप पर हर्जाना नहीं

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)