कोरोना से जान देने वाले डॉक्टरों के डाटा के मामले में केंद्र सरकार अपने रुख पर कायम

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा में लिखित जवाब दिया, कहा - कोरोना से संक्रमित होने वाले स्वास्थ्य कर्मी या कोरोना ड्यूटी के दौरान जान देने वाले ऐसे लोगों का डेटा मंत्रालय नहीं रखता

कोरोना से जान देने वाले डॉक्टरों के डाटा के मामले में केंद्र सरकार अपने रुख पर कायम

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

कोरोना से जान देने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के डाटा के मामले में केंद्र सरकार अपने रुख पर कायम है.  शुक्रवार को फिर कहा कि 'ये डेटा केंद्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नहीं रखता.' केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा में लिखित बयान में कहा ' कोरोना से संक्रमित होने वाले स्वास्थ्य कर्मी या कोरोना ड्यूटी के दौरान जान देने वाले ऐसे लोगों का डेटा केंद्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नहीं रखता. हालांकि कोरोना से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत इंश्योरेंस का प्रावधान किया गया है. यह केंद्रीय स्तर की योजना है' 

चार लोकसभा सांसदों प्रसून बनर्जी,  राहुल रमेश शेवाले, पीके कुंहलीकुट्टी,  एडवोकेट अदूर प्रकाश ने सवाल पूछा था कि 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बताएं सरकारी और  निजी अस्पतालों में  सेवा देने वाले कितने डॉक्टर, पैरामेडिकल और अन्य आधिकारिक स्टाफ़ कोरोना से संक्रमित हुए और कितने ऐसे लोगों की जान कोरोना ड्यूटी करते हुए गई? अभी तक का राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश के हिसाब से डिटेल दें.'

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मंगलवार को राज्यसभा में यही सवाल पूछे जाने पर कहा था 'स्वास्थ्य राज्य का विषय है. इस तरह का डाटा केंद्रीय स्तर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नहीं रखता है. हालांकि जो ऐसे जो लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण इंश्योरेंस पैकेज के तहत राहत मांग रहे हैं उनका डेटाबेस राष्ट्रीय स्तर पर रखा जा रहा है.'

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