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बेंगलुरु : संदिग्ध आतंकियों के परिवार वालों का आरोप पुलिस ने घर में रखे थे विस्फोटक

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बेंगलुरु : संदिग्ध आतंकियों के परिवार वालों का आरोप पुलिस ने घर में रखे थे विस्फोटक
बेंगलुरु: क्राइम ब्रांच और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साझा अभियान में गिरफ्तार तीन संदिग्ध आतंकियों के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने उन लोगों को फंसाने के लिए उनके घरों में खुद ही विस्फोटक रखे थे।

संदिग्ध आतंकियों के परिजनों और उनके वकील ने ए. रिज़वी बेंगलुरु के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगया कि इन तीन में से एक सद्दाम को पुलिस ने इतनी बुरी तरह टार्चर किया कि उसका चलना फिरना भी मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने कोर्ट में पुलिस के खिलाफ एक अर्जी दाखिल की है, जिसको देखते हुए अदालत ने सद्दाम की मेडिकल जांच करवाने का आदेश पुलिस को दिया है।

वहीं दूसरी तरफ होमयोपैथिक डॉ. अफ़ाक और एमबीए का छात्र अब्दुस सबूर के परिजनों का आरोप है की जिस घर से पुलिस ने विस्फोटक की बरामदगी दिखाई है, वह बीते दो महीने से बंद पड़ा था और पुलिस खुद ही पैकेट्स में कुछ सामान लेकर आई, घर में रखा और बाद में विस्फोटक की बरामदगी दिखा दी।

इस सिलसिले में इन लोगों के वकील ने कहा कि कानून के मुताबिक, ऐसे रेड के वक़्त पुलिस को अपने साथ उस इलाके के कम से कम 2 प्रतिष्ठित नागरिकों को अपने साथ लेना चाहिए, जो की पुलिस ने नहीं किया।

डॉ अफ़ाक की मां ने कहा कि अफ़ाक और उसकी बहन की शादी  पकिस्तान में हुई है। ऐसे में वह अपने ससुराली रिश्तेदारों और बहन से इंटरनेट फ़ोन यानी VOIP के ज़रिये लगातार संपर्क में रहता था और इसी बुनियाद पर उसकी गिरफ्तारी हुई है।

हालांकि बेंगलुरु पुलिस क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त एम चंद्रशेखर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और दावा किया कि पुलिस ने स्टैंडर्ड ऑपरेशन मैनुएल का पालन किया है।

बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एमएन रेड्डी ने कहा की कौन गलत है और कौन सही ये तय करना सिर्फ अदालत का काम है।

गौरतलब है कि खुफिया एजेंसियों और क्राइम ब्रांच ने आईएम और सिमी को आतंकवादी कारवाई के लिए विस्फोटक और दूसरी सुविधाएं मुहैय्या करवाने के आरोप में बुधवार को इन तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमे से दो की गिरफ्तारी बेंगलुरु और एक की दक्षिण कर्नाटक के भटकल से हुए थी।

बेंगलुरु की एक निचली अदालत ने इन तीनों को 21 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। क्राइम ब्रांच के साथ-साथ कई दूसरी राष्ट्रीय एजेंसियां इन तीनों से पूछताछ कर रही है।


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