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विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के खानदान से है मिग-21 लड़ाकू विमान का पुराना रिश्ता

अभिनंदन के पिता एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) सिंहकुट्टी वर्धमान भी मिग-21 उड़ा चुके हैं, अभिनंदन के दादा भी IAF में थे

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विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के खानदान से है मिग-21 लड़ाकू विमान का पुराना रिश्ता

विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing commander abhinandan) के परिवार का भारतीय वायुसेना (IAF) से खानदानी रिश्ता है.

खास बातें

  1. अभिनंदन के पिता हैदराबाद के हकीमपेट में लड़ाकू प्रशिक्षण के लिए तैनात थे
  2. पिता ने तमिलनाडु के अमरनाथीनगर स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की
  3. एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) वर्धमान ने NDA में 1969 से 72 तक प्रशिक्षण लिया
मुंबई:

पाकिस्तान द्वारा हिरासत में लिए गए विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing commander abhinandan) के खानदान का मिग 21 (MiG 21) लड़ाकू विमान से काफी पुराना रिश्ता रहा है. उनके पिता भी मिग-21 उड़ा चुके हैं और वह भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट रहे हैं. अभिनंदन के दादा भी भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में थे. कुछ ही समय बाद अभिनंदन वाघा बार्डर (Wagah Border) से होकर भारत लौटेंगे.

गौरतलब है कि भारतीय और पकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बीच झड़प के दौरान अभिनंदन (IAF Pilot Abhinandan Varthaman) के मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया था. हमले में उनका मिग-21 विमान भी चपेट में आ गया और अपने विमान के गिरने के बाद अभिनंदन पैराशूट की मदद से नीचे उतरे लेकिन जहां वह उतरे वह धरती पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की थी, जिसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing commander abhinandan) को हिरासत में ले लिया.

वर्धमान के एक पारिवारिक मित्र ने शुक्रवार को बताया कि उनके पिता एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) सिंहकुट्टी वर्धमान भी मिग-21 उड़ा चुके हैं और वह भारतीय वायुसेना के ‘टेस्ट पायलट' रहे हैं. वह पांच साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं. उन्होंने बताया कि अभिनंदन के दादा भी भारतीय वायुसेना में थे.


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राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में 1969-72 के दौरान अभिनंदन के पिता के साथ पढ़ने वाले विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) प्रकाश नावले ने बताया कि वह अभिनंदन से सबसे पहले तब मिले थे जब वह (अभिनंदन) तीन साल के बच्चे थे. उन्होंने कहा, ‘‘ मैं और उनके पिता हैदराबाद के हकीमपेट में लड़ाकू प्रशिक्षण के लिए तैनात थे.'' नावले 1994 में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) से सेवानिवृत्त हुए और फिलहाल नवी मुंबई में रहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भी ‘वायु सेना अकादमी' से लड़ाकू विमान के पायलट के तौर पर प्रशिक्षण लिया था, शुरू में मैंने लड़ाकू विमान पायलट के तौर पर काम किया लेकिन बाद में मैंने हेलीकॉप्टर को चुना. मैं और एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) वर्तमान कुछ समय तक उड़ान प्रशिक्षक भी रहे.''

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नावले की तरह एयर मार्शल वर्धमान भी सैनिक स्कूल (Sainik School) से पढ़े हैं. नावले ने सतारा सैनिक स्कूल और एयर मार्शल वर्धमान ने तमिलनाडु के अमरनाथीनगर स्थित सैनिक स्कूल से पढ़ाई की है. नावले ने कहा कि एयर मार्शल वर्धमान उस वक्त तामबन में ही थे जब वह यहां उड़ान प्रशिक्षक पाठ्यक्रम कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘वर्धमान परिवार बहुत ही भला और सीधा सादा है और उनके घर पर हमने कई बार लजीज भोजन का आनंद लिया है.''

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नावले ने कहा, ‘‘एयर मार्शल वर्धमान भद्र पुरुष हैं. पेशे से डॉक्टर उनकी पत्नी शोभा भी एक बेहतरीन महिला हैं. जब मेरी पत्नी अरुणा गर्भवती थी तो वह अक्सर हमारे घर आतीं और उन्हें सही चिकित्सकीय सलाह देतीं. शोभा की चिकित्सकीय देखभाल के कारण ही आज हम एक बेटी के माता-पिता हैं, जिसका नाम हमने पूजा रखा है.''अभिनंदन की बहन अदिति फ्रांस में रहती हैं और उनके पति एक फ्रांसीसी नागरिक हैं.

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वर्ष 1982 में जब नावले फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे तब उन्हें ‘शौर्य चक्र' से सम्मानित किया गया. उन्होंने गोपालपुर में नाराज भीड़ के रोष से ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री जेबी पटनायक का जीवन बचाया था. उन्हें दिए गए पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में लिखा है- ‘‘इस कार्य के लिए फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रकाश नावले ने अपनी निष्ठा, साहस का परिचय देते हुए बुद्धि का इस्तेमाल किया. ऐसे कठिन समय में अगर वह मुख्यमंत्री को लेकर विमान से उड़ान नहीं भरते तो हालात गंभीर हो सकते थे और मुख्यमंत्री के साथ कुछ भी हो सकता था और फिर कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती थी.''
(इनपुट भाषा से)



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