World Tiger Day 2020: देश में बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हुई, 2006 से इतना हुआ इजाफा

World Tiger Day 2020: देश में बाघों की कुल आबादी बढ़कर 2018 के अंत तक 2967 पहुंच गयी है. मंगलवार को पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने बाघों पर एक रिपोर्ट "स्टेटस ऑफ़ टाइगर्स - कोप्रिडेटर्स एंड प्रेय इन इंडिया" जारी करते हुए इसकी जानकारी दी.

World Tiger Day 2020: देश में बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हुई, 2006 से इतना हुआ इजाफा

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

World Tiger Day 2020: देश में बाघों की कुल आबादी बढ़कर 2018 के अंत तक 2967 पहुंच गयी है. मंगलवार को पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने बाघों पर एक रिपोर्ट "स्टेटस ऑफ़ टाइगर्स - कोप्रिडेटर्स एंड प्रेय इन इंडिया" जारी करते हुए इसकी जानकारी दी. 2006 में देश में बाघों की कुल संख्या 1411 थी, 2010 में ये बढ़कर 1706 हुई और फिर 2014 में और बढ़कर 2226 पहुंच गयी थी. यानी 2014 से 2018 के बीच देश में बाघों की संख्या 2226 से बढ़कर 2967 तक पहुंच गयी है. वैश्विक बाघ दिवस की पूर्व संध्या पर बाघों की गणना पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए जावेड़कर ने कहा, 'भारत में अब दुनिया के 70% बाघ जंगल में पाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि बाघ प्रकृति का एक अहम् हिस्सा हैं और भारत में इनकी बढ़ती हुई संख्या प्रकृति में संतुलन को दर्शाती है.'

जावेड़कर ने कहा, "बाघ और अन्य वन्य जीव भारत की एक प्रकार की ताकत हैं जिसे भारत अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर दिखा सकता है. भारत के पास धरती का काफी कम हिस्सा होने जैसी कई बाधाओं के बावजूद, भारत में जैव-विविधता का आठ प्रतिशत हिस्सा है क्योंकि हमारे देश में प्रकृति, पेड़ों और इसके वन्य जीवन को बचाने और उन्हें संरक्षित करने की संस्कृति है. यह प्रशंसा की बात है कि भारत में दुनिया की बाघों की आबादी का 70 प्रतिशत हिस्सा है."

पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक 2006 से 2018 के बीच जमा किये गए आंकड़ों के मुताबिक देश में बाघों की संख्या हर साल औसतन 6% की रेट से बढ़ रही है. रिपोर्ट जारी करने के दौरान पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने मानव–पशु टकराव के सवाल पर कहा कि इससे बचा जा सकता है. पर्यावरण मंत्रालय अब एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है जिसमें मानव और जानवरों के बीच टकराव से निपटने के लिए जंगल में ही जानवरों को पानी और चारा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी. इस टकराव से कई जानवरों की मौत हो रही है.

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जावेड़कर ने कहा, "इसके लिए पहली बार एलआईडीएआर (लिडार) आधारित सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग किया जाएगा. लिडार लेजर प्रकाश से लक्ष्य को रोशन करके और एक सेंसर के साथ प्रतिबिंब को मापने के जरिए दूरी को मापने की एक विधि है." भारत अब बाघों के पोषण की दिशा में बाघ वाले सभी 13 देशों के साथ मिलकर विशेष प्रयास शुरू करने की तैयारी कर रहा है.

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