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जीएसटी, नेशनल हेराल्ड मुद्दे के बीच कोई संबंध नहीं : राहुल गांधी

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जीएसटी, नेशनल हेराल्ड मुद्दे के बीच कोई संबंध नहीं : राहुल गांधी

असम दौरे के दौरान राहुल गांधी (पीटीआई फोटो)

गुवाहाटी:

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि नेशनल हेराल्ड और जीएसटी विधेयक के मुद्दों के बीच कोई संबंध नहीं है और मतभेदों का समाधान होने की स्थिति में उनकी पार्टी टैक्स सुधार संबंधी कदम के पक्ष में है।

राहुल ने गुवाहाटी में संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, मीडिया में ऐसी भावना है कि नेशनल हेराल्ड और जीएसटी में संबंध है। मैं आपको बताता हूं कि नेशनल हेराल्ड और जीएसटी विधेयक के मुद्दों के बीच कोई संबंध नहीं है। नेशनल हेराल्ड एक अलग मुद्दा है और जीएसटी अलग मुद्दा है।

नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित पार्टी नेताओं को भेजे गए समन रद्द करने से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार के बाद कांग्रेस सदस्य संसद में राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करते रहे हैं। संसद की कार्यवाही में व्यवधान के चलते वस्तु एवं सेवा कर विधेयक (जीएसटी) पर विचार करने एवं उसे पारित करने में विलंब हो रहा है। इस विधेयक में पूरे देश में समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लाने का प्रावधान है।

राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली का संदर्भ देते हुए कहा कि जीएसटी कांग्रेस लेकर आई थी, तब मोदी जी और जेटली जी ने इसका खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा था यह बेतुका है।


राहुल ने कहा, दूसरी ओर हम जीएसटी के लिए कोशिश करते रहे। जीएसटी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जटिलताओं को कम करेगा। यह लालफीताशाही को दूर करेगा। हम जीएसटी के 100 फीसदी प्रस्तावक हैं।

संसद के पिछले सत्र में जीएसटी संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस ने अपनी इस मांग के चलते पारित नहीं होने दिया था कि संविधान संशोधन विधेयक में राजस्व निरपेक्ष दर 18 फीसदी से अधिक न होने का जिक्र किया जाए। साथ ही कांग्रेस जीएसटी दर के ऊपर राज्यों को एक प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने के भी खिलाफ है। राहुल ने कहा जीएसटी पर बीजेपी के साथ हमारे तीन मतभेद हैं। इनके बारे में आप जानते हैं। हमारा मानना है कि विवाद संबंधी व्यवस्था कारगर होनी चाहिए। विवाद में जो लोग शामिल हैं वे उसके समाधानकर्ता नहीं होने चाहिए।

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उन्होंने कहा, दूसरा मुद्दा टैक्स की सीमा को लेकर है। हम नहीं चाहते कि इस देश में कोई भी सरकार के पास टैक्स लगाने की असीमित गुंजाइश हो। हम इस देश के गरीब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम मजदूरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम नहीं चाहते कि उन पर भारी बोझ डाला जाए।

राहुल ने कहा, हम नहीं चाहते कि सरकारी नौकरी करने वालों और दूसरों पर भारी कर बोझ हो। इसीलिए हम चाहते हैं कि इसकी सीमा तय हो। वे (बीजेपी) नहीं चाहते। यह मतभेद है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ये तीन मुख्य ढांचागत मतभेद हैं। अगर ये मतभेद दूर हो जाएं, तो कांग्रेस जीएसटी के पक्ष में है। इस ढांचे के अंदर कांग्रेस खुश है, हम पहले ही कह चुके हैं और जीएसटी को आगे बढ़ाने में खुशी होगी।



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