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दिल्ली पुलिस के समर्थन मे उतरीं किरण बेदी, कमिश्‍नर को दी ये नसीहत

किरण बेदी (Kiran Bedi) ने कहा, "अगर पुलिस कर्मी अपना कर्तव्य निष्पक्ष, निडर और जिम्मेदारी पूर्वक निभा रहे हैं तो उनके अधिकारियों का संरक्षण उन्हें मिलना चाहिए".

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दिल्ली पुलिस के समर्थन मे उतरीं किरण बेदी, कमिश्‍नर को दी ये नसीहत

पूर्व आईपीएस आधिकारी और पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी

नई दिल्‍ली:

दिल्ली के पुलिस वकील झड़प मामले में पुलिसकर्मियों को किरण बेदी (Kiran Bedi) का साथ मिला है. पूर्व आईपीएस आधिकारी और पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने पुलिसकर्मियों के समर्थन में बयान दिया है. किरण बेदी ने कहा, "अगर पुलिसकर्मी निष्पक्ष,निडर और जिम्मेदारी पूर्वक अपना कर्तव्य निभा रहे हैं तो उन्‍हेंं उनके अधिकारियों का संरक्षण मिलना चाहिए".

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आपको बता दें कि 2 नवबंर को दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच जमकर झड़प हो गई थी. घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. पुलिसकर्मियों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मंगलवार को दिन भर धरना दिया था. धरने में शामिल हजारों पुलिसकर्मियों के हाथों में किरण बेदी के पोस्‍टर थे, जिनमें लिखा था-'वी मिस यू'. इसी के साथ वे "आ गई, आ गई शेरनी, आ गई" का नारा लगा रहे थे. पुलिसकर्मियों ने पुलिस हेडक्‍वार्टर पर भी ऐसे पोस्टर लगाए थे.

इस मामले पर किरण बेदी ने कहा, "पुलिस डिपार्टमेंट के पास उनके कामों और विभागीय जांच के लिए अलग से विभाग है. उस विभाग की यह जिम्मेदारी है कि वो उनके कार्यों की जांच करें. लेकिन अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कोई उनके कामों को पुर्वाग्रह से ग्रसित होकर न देखे." 


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यह भी पढ़ें: जब किरण बेदी को 1988 में वकीलों के विरोध का करना पड़ा था सामना

आपको बता दें कि वर्ष 1988 में किरण बेदी को तब आक्रोश झेलना पड़ा था जब सेंट स्‍टीफन कॉलेज में चोरी के आरोप में एक वकील को गिरफ्तार किया गया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बात करते हुए किरण बेदी ने कहा, "मुझे याद है जब वकील को गिरफ्तार कर तीस हजारी कोर्ट ले जाया जा रहा था तब वकीलों ने विरोध किया था, लेकिन मैंने उनकी मांग को ठुकरा दिया था. हलांकि उस व्यक्ति ने अपने वकील होने के पहचान को छिपा लिया था. यहां तक कि उसने अपना नाम भी गलत बताया था. उस समय मैं डीसीपी नॉर्थ हुआ करती थी और वकील हमारी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे, लेकिन तत्‍कालीन दिल्ली पुलिस कमिश्‍नर वेद मरवाह ने उनकी मांग को ठुकरा दिया था."

उस दौरान किरण बेदी के जिम्‍मे दिल्‍ली की ट्रैफिक व्‍यवस्‍था थी और बतौर अधिकारी उन्‍हें काफी कड़क माना जाता था. जब वो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को देख रहीं थीं तब उन्होंने 1982 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार को क्रेन से उठवा दिया था. इस घटना के बाद से वह "क्रेन बेदी" के नाम से मशहूर हो गईं थीं.



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