'संसद में सो नहीं रहे थे राहुल गांधी', कांग्रेस ने मायावती के बयान का खंडन किया

'संसद में सो नहीं रहे थे राहुल गांधी', कांग्रेस ने मायावती के बयान का खंडन किया

खास बातें

  • टीवी कैमरों ने राहुल गांधी को सिर नीचा कर आंखें बंद किए हुए दिखाया था
  • कुछ कांग्रेस नेताओं ने कहा- फोन चेक कर रहे थे राहुल गांधी
  • मायावती बोलीं- दलितों के हितों की रक्षा में कांग्रेस की कोई दिलचस्पी नहीं
नई दिल्ली:

कांग्रेस को इस बात पर सफाई देने को बाध्य होना पड़ा है कि संसद में बुधवार को गुजरात में दलितों पर हमले के मुद्दे पर बहस के दौरान राहुल गांधी सदन में सो नहीं रहे थे। टीवी कैमरों ने दिखाया कि राहुल गांधी बहस के दौरान सदन में अपने सिर को हाथ पर टिकाकर झुकाए हुए थे और उनकी आंखें बंद दिख रही थीं। कुछ कांग्रेस नेताओं ने दलील दी कि राहुल गांधी अपने मोबाइल फोन को चेक कर रहे थे।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि बाहर बहुत गर्मी है। जब लोग संसद के अंदर पहुंचते हैं, तो चूंकि वहां एसी लगा हुआ है, इसलिए लोग अपनी आंखें बंद करके थोड़ा रिलैक्स करते हैं। लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि राहुल की झपकी इस बात का प्रतीक है कि दलितों के हितों की रक्षा में कांग्रेस की कोई दिलचस्पी नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात और केंद्र में मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद गुजरात में दलितों पर अत्याचार के मामले को उठाने में नाकाम रही। मायावती ने कहा कि जब उन्होंने इस मामले को उठाया तब कहीं जाकर कांग्रेस हरकत में आई।

उना में पिछले दिनों चार दलित युवकों की पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद गुजरात में काफी तनाव की स्थिति बनी हुई है। वीडियो में कुछ लोग सार्वजनिक रूप से चार अधनंगे दलित युवकों की पिटाई करते दिख रहे थे। माना जाता है कि पिटाई करने वाले लोग कथित तौर पर 'गोरक्षक' थे। पीड़ित युवकों ने कहा कि वे एक मरी हुई गाय की खाल उतारने जा रहे थे, लेकिन हमला करने वालों ने उन पर गोहत्या का आरोप लगाकर उनकी बुरी तरह से पिटाई की।

इस घटना के बाद से राज्य में करीब एक दर्ज दलितों ने खुदकुशी की कोशिश की है। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन उग्र भीड़ द्वारा कई बसों और सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया।

 
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