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ड्रग्स तस्कर के घर डालने गए थे छापा, भीड़ ने इंस्पेक्टर को पीटा, साथियों ने नहीं की मदद तो CM ने किया बर्खास्त

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने वाले फोर्स का इस तरह का 'कायराना' व्यवहार स्वीकार नहीं होगा.

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खास बातें

  1. शुक्रवार की है पूरी घटना
  2. ड्रग्स तस्कर के घर छापेमारी करने गई थी टीम
  3. सहयोगी की मदद के लिए आगे नहीं आए पुलिसवाले
नई दिल्ली:

पंजाब पुलिस के तीन जवानों को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. इन तीनों जवानों पर भीड़ द्वारा पीटे जा रहे अपने सहयोगी की मदद न करने का आरोप है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने वाले फोर्स का इस तरह का 'कायराना' व्यवहार स्वीकार नहीं होगा. सीएम ने यह पोस्ट पुलिसवाले की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद लिखी थी. वायरल हुए वीडियो में दिख रहा था कि किस तरह से ड्रग्स तस्कर के घर पर रेड करने गई पुलिस की टीम पर लोगों ने हमला किया. घर पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस टीम के साथ गए जवान को पकड़ लिया है और उसकी पिटाई कर रहे हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि अपने साथी की पिटाई होता देखने के बाद भी टीम के अन्य सदस्य उसके बचाव के लिए सामने नहीं आए. 

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अमरिंदर सिंह ने इस वीडियो के वायरल होने के बाद लिखे पोस्ट में कहा कि यह घटना शुक्रवार की है. और इस घटना का वीडियो सोशल साइट पर वायरल हो रहा है. पंजाब पुलिस की टीम एक गांव में ड्रग्स तस्कर के घर छापा मारने गई थी. जिस इंस्पेक्टर की अगुवाई में यह रेड की गई उसके साथ वहां मौजूद लोगों ने मारपीट की. 

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घटना के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस के प्रमुख दिनकर गुप्ता ने इस पूरे मामले को लेकर एक जांच कमेटी गठित की. इस जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजाब सरकार ने एएसआई सविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल गुरविंदर सिंह, कांस्टेबल निशान सिंह और होम गार्ड के जवान दर्शन सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. जबकि 25 से 30 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है. 

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गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. 14 सितंबर को ही यूपी में भी एक पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया. दरअसल, ग्रेटर नोएडा के दादरी के कस्बे में बिजली का कनेक्शन को डिस्कनेक्ट करने गई विद्युत उपकेंद्र चितैहरा की टीम पर बिजली चोरों ने हमला कर दिया था. इसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि जेई समेत कई लोग चोटिल हो गए थे. इन सभी का इलाज दादरी के स्वास्थ्य केंद्र पर किया जा रहा है.  मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली दादरी की पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. 

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चितैहरा विद्युत उपकेंद्र के जेई राजकुमार ने बताया था कि दादरी के नई आबादी इलाके में मेवातीयान मोहल्ले रहने वाले नईम के ऊपर बिजली विभाग का काफी रकम बकाया था. इसी को वसूलने और कनेक्शन को डिस्कनेक्ट करने जूनियर इंजीनियर रामकुमार योगेंद्र कुमार अपने छह-सात कर्मचारियो के साथ  पहुंचे तो पाया कि नईम के घर में डायरेक्ट खंबे से बिजली चोरी कर उपयोग की जा रही थी. जब टीम ने कार्रवाई शुरू की तो नईम के साथ उनके भाइयों शाहिद, राशिद और तौफीक समेत आधा दर्जन लोगों ने विद्युत विभाग की टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें सरकारी टीम का एक कर्मचारी हेमराज बुरी तरह घायल हो गया हो गया और कई अन्य लोगों को चोट आई थी.

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जेई ने जो शिकायत थाने दर्ज कराई थी उसमें आरोप लगाया था कि पहले तो नईम उसके परिवार ने गाली-गलौज शुरू की.  उसके बाद शाहिद ने रिवाल्वर निकालकर सरकारी कर्मचारी हेमराज के ऊपर हमला बोल दिया और रिवाल्वर  की बट मार कर हेमराज की पसली तोड़ दी. हमले के बाद टीम में भगदड़ मच गई और जान बचाकर इसकी इत्तला पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने नईम और उसके परिवार लोगों परिवार के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.  इस बीच आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस ने इनकी धरपकड़ के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है.



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