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नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल : पीएम के 'व्यक्तिगत ब्रांड' पर केंद्रित होंगे कार्यक्रम

इस अवसर पर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री सभी भारतीयों को संबोधित खत लिखेंगे, जिसकी दो करोड़ प्रतियां छापी जा रही हैं, और उन्हें 20 मई से रवाना करना शुरू कर दिया जाएगा, ताकि 26 मई तक उनका गंतव्य पर पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके. ये खत विभिन्न कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को भेजे जाएंगे.

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नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल : पीएम के 'व्यक्तिगत ब्रांड' पर केंद्रित होंगे कार्यक्रम
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 20 दिन तक चलने वाले कार्यक्रम बहुत हद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'व्यक्तिगत ब्रांड' पर केंद्रित होंगे, तथा प्रधानमंत्री स्वयं पांच समारोहों का नेतृत्व करेंगे, जिनमें से पहला असम के गुवाहाटी में आयोजित होगा.

इस अवसर पर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए प्रधानमंत्री सभी भारतीयों को संबोधित खत लिखेंगे, जिसकी दो करोड़ प्रतियां छापी जा रही हैं, और उन्हें 20 मई से रवाना करना शुरू कर दिया जाएगा, ताकि 26 मई तक उनका गंतव्य पर पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके. ये खत विभिन्न कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों को भेजे जाएंगे.

वैसे, सिर्फ खत के ज़रिये ही नहीं, सरकार की उपलब्धियों को जनता को बताने के लिए देशभर में लगभग 10 करोड़ एसएमएस भी भेजे जाएंगे. देशभर में समारोहों के आयोजन के लिए 900 स्थान सुनिश्चित कर लिए गए हैं, और इनमें से प्रत्येक की ज़िम्मेदारी किसी मंत्री या सांसद को सौंपी जाएगी.

इन समारोहों का एक बेहद दिलचस्प पहलू इसमें शामिल 'मोदी फेस्ट' होंगे, जो दरअसल 'मेकिंग ऑफ डेवलपिंग इंडिया फेस्टिवल' का संक्षिप्त रूप है, और जो साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम को भी घर-घर तक पहुंचाएगा. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा उनके सहयोगी अपने-अपने राज्यों की राजधानियों में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे. इन समारोहों का आयोजन राज्य सरकारें ही करेंगी, तथा इनके दौरान सरकार की अहम नीतियों तथा उपलब्धियों को दिखातीं प्रेज़ेन्टेशन दिखाए जाने के अतिरिक्त विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी टोपियां तथा लीफलेट भी बांटे जाएंगे.

पिछले साल अपने कार्यकाल की दूसरी वर्षगांठ पर सरकार ने दिल्ली और बिहार के चुनाव में मिली हार की वजह से ज़्यादा तामझाम नहीं किया था, लेकिन इस साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली शानदार कामयाबी तथा नोटबंदी या विमुद्रीकरण को मिले अपार जनसमर्थन के बूते सरकार काफी उत्साहित है.

पिछले साल से बीजेपी ने ज़ोरशोर से 'मेरा देश बदल रहा है' की टैगलाइन को इस्तेमाल किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अब एक नया स्लोगन सामने आ सकता है - देश बदल रहा है, भारत उबर रहा है... लेकिन बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ने फिलहाल किसी भी नारे को मंज़ूरी नहीं दी है, हालांकि अपने हालिया भाषणों में अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते वक्त उन्होंने 'नया भारत' पर ज़ोर दिया है.

दिल्ली में 27 तथा 28 तारीख को वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे तथा मीडिया से बातचीत भी. इसके अलावा केंद्रीय मंत्रियों - सभी 74 - को समारोह स्थलों के रूप में चिह्नित किए गए 900 स्थानों पर भेजा जाएगा, जहां वे किसानों, महिलाओं, युवाओं, दलितों व पिछड़ों तथा श्रमिकों के समूहों से बातचीत करेंगे. मंत्री प्रतिष्ठित कॉलेजों, आईआईटी तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों से संवाद तथा संपर्क स्थापित किया जा सके.

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मंत्रियों को एक दिन ऐसे किसी गांव में भी बिताना होगा, जिसमें हाल ही में विद्युतीकरण हुआ हो, तथा किसी ऐसे परिवार के साथ सुबह का नाश्ता अथवा दोपहर का भोजन करना होगा, जो ग्रामीण विद्युतीकरण की इस योजना से लाभान्वित हुआ हो.

...और मतदाताओं को अब तक आ चुके बदलावों की याद दिलाने के लिए पब्लिसिटी मैटीरियल बांटा जाएगा, जिसमें एक बुकलेट भी शामिल है, जिसका शीर्षक है - 'अब और तब' - तथा इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के तीन साल तथा कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार के 10 साल के कामकाज की तुलना की जाएगी.


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