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प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका तथा 'ठुमरी की रानी' गिरिजा देवी का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका गिरिजा देवी का कोलकाता के बिड़ला अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.

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प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका तथा 'ठुमरी की रानी' गिरिजा देवी का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

गिरिजा देवी ने मंगलवार की शाम 9 बजे कोलकाता के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली

खास बातें

  1. 8 मई, 1929 को बनारस में हुआ था जन्म, पिता बने पहले गुरु
  2. ठुमरी को दुनियाभर में पहचान दिलाने के लिए किया काम
  3. तीनों पद्म सम्मानों से किया जा चुका था गिरिजा देवी को सम्मानित
नई दिल्ली: भारतीय शास्त्रीय संगीत गायिका गिरिजा देवी का कोलकाता के बिड़ला अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. गिरिजा देवी 88 साल की थीं. ठुमरी गायन को प्रसिद्धि के मुकाम पर पहुंचाने के लिए गिरिजा देवी को 1972 में पद्मश्री, 1989 में पद्मभूषण और 2016 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था. 

गिरिजा देवी का जन्म 8 मई, 1929 को बनारस में हुआ था और वे  बनारस घरानों की एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय गायिका रहीं. ठुमरी गायन को संवारकर उसे लोकप्रिय बनाने में इनका बहुत बड़ा योगदान है. संगीत की शुरूआती शिक्षा उन्होंने अपने पिता से ही ली थी. बताते हैं कि गायन को सार्वजनिक रूप से अपनाने के लिए उन्हें अपने परिवार का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था. ठुमरी के अलावा उन्होंने अर्द्ध शास्त्रीय शैलियों कजरी, चैती, होली को भी अहमियत दी और वह ख्याल, भारतीय लोक संगीत और टप्पा भी गाती थीं. 
गिरिजा देवी के चले जाने से शास्त्रीय संगीत के साथ कला जगत में शोक की लहर देखी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. 


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