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असम में ममता बनर्जी के सांसदों की No-Entry, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार किए गए

असम में एनआरसी (NRC) का दूसरा ड्राफ्ट आने के बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है. तृणमूल सांसदों के एक दल को असम के सिलचर एयरपोर्ट पर रोका गया और बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया.

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असम में ममता बनर्जी के सांसदों की No-Entry, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार किए गए

टीएमसी के 8 नेताओं को सिलचर एयरपोर्ट पर रोका गया.

खास बातें

  1. असम एनआरसी को लेकर संसद से सड़क तक घमासान जारी
  2. टीएमसी के 8 नेताओं को सिलचर एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया
  3. टीएमसी नेता ओब्रायन बोले -यह सुपर इमरजेंसी है
सिलचर: असम में एनआरसी (NRC) का दूसरा ड्राफ्ट आने के बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है. तृणमूल सांसदों के एक दल को असम के सिलचर एयरपोर्ट पर रोका गया और इसके बाद देर शाम उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया. TMC के 6 सांसद और 2 एमएलए हिरासत में लिए गए हैं. वे नागरिक रजिस्टर के मुद्दे पर सिलचर में एक सभा करना चाहते थे. उन्हें एयरपोर्ट से निकलने नहीं दिया गया. असम की बाराक घाटी और सिलचर में पहले से ही धारा 144 लागू है. टीएमसी (TMC) का प्रतिनिधिमंडल चाहता था कि वो वहां नागरिक रजिस्ट के मुद्दे पर कुछ बांग्ला संगठनों के साथ बातचीत करे. टीएमसी नेताओं को एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद पार्टी  सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि यह 'सुपर इमरजेंसी है.'
 
ममता बनर्जी ने दावा किया कि हवाईअड्डे पर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों, जिनमें महिलाएं भी हैं, के साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने भाजपा पर देश में 'सुपर इमरजेंसी' लगाने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा इस घटना से बेनकाब हो गई है और उन्होंने जानना चाहा कि किस कानून के तहत तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को रोका गया.

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उधर, टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि ये 'सुपर इमरजेंसी है.' उन्होंने कहा कि हमारे सदस्यों की टीम को सारे दस्तावेज़ों के बावजूद जाने नहीं दिया गया. टीएमसी के सांसद क़ानून बनाने वाले हैं, तोड़ने वाले नहीं. उन्होंने कहा कि हमारे एक सांसद के साथ धक्कामुक्की हुई जिनको पेसमेकर लगा हुआ है. ये बिल्कुल पागलपन है. उन्हें जब तक जाने नहीं दिया जाता, वो वहां से हटेंगे नहीं.
 
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टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी एनआरसी के ड्राफ्ट पर लगातार सवाल खड़े कर रही हैं. इस लिस्ट में असम के 40 लाख लोगों का नाम नहीं है. ऐसे में ममता बनर्जी ने पार्टी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को असम भेजा था, जिसे पुलिस ने एयरपोर्ट से बाहर निकलने नहीं दिया.

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प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सुखेंदु रॉय ने कहा, 'उन्होंने चार महिला सदस्यों समेत हमारे साथ दुर्व्यवहार किया. मैं हृदय का मरीज हूं. हम उन लोगों से बातचीत करने आए हैं जिनके नाम हटा दिए हैं. हम समस्या खड़ी करने नहीं आए हैं.' उनकी साथी ममताबाला देवी ने कहा कि उन्हें धक्का दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ. तृणमूल के आरोपों पर राज्य
सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर उन्हें यह कहकर रोक दिया कि उनकी यात्रा से समस्या खड़ी हो सकती है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बराक घाटी क्षेत्र के कछार जिले में यहां कुंभीग्राम हवाई अड्डे पर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल वीआईपी विश्रामालय में रूका है. ममता बनर्जी भाजपा नीत केंद्र सरकार पर एनआरसी के मुद्दे पर 'वोटबैंक की राजनीति' करने का आरोप लगा रही हैं और कह रही हैं कि भारतीय नागरिक अपनी ही जमीन पर शरणार्थी बन गए हैं.

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VIDEO : TMC के सांसदों को असम में घुसने से पहले रोका गया


इधर कोलकाता में NRC के मसले पर ममता बनर्जी के रुख़ से नाराज़ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक रैली निकाली. ममता बनर्जी ने NRC का विरोध करते हुए कहा था कि इससे देश में गृहयुद्ध हो जाएगा. बीजेपी पश्चिम बंगाल में भी NRC की मांग कर रही हैं. पार्टी का कहना है कि बंगाल के युवाओं का रोज़गार घुसपैठिए हथिया रहे हैं. 


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