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अखबारों में आज : बीसीसीआई का नया दारोमदार, अब एटीएम में जरा भी नहीं होगी कतार

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अखबारों में आज : बीसीसीआई का नया दारोमदार, अब एटीएम में जरा भी नहीं होगी कतार
नई दिल्ली:
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पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) विनोद राय चार सदस्‍यीय प्रशासकों के उस दल की अगुवाई करेंगे जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का संचालन करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राय के अलावा मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा, आईडीएफसी क प्रबंध निदेशक विक्रम लिमये और पूर्व महिला क्रिकेटर डायना एडुलजी को भी इसमें स्‍थान दिया है. चुनावी सरगर्मी की खबरों के दौर में इस समाचार को सभी अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. इसके अलावा पाकिस्तान में हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने और एटीएम से नकदी की निकासी की सीमा समाप्त होने की खबर को भी वरीयता दी गई है.   

अमर उजाला ने बीसीसीआई की खबर को प्रमुख समाचार बनाया है. अखबार ने लिखा है 'कोयला घोटाला उजागर करने वाले पूर्व सीएजी राय संभालेंगे बीसीसीआई.' समाचार है कि लोढ़ा समिति के लिफाफे से निकले पैनल के नाम. अमर उजाला ने यूपी चुनाव से जुड़े मुलायम सिंह के उस बयान को भी प्रमुखता दी है जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को हराओ.   
 
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संसद के बजट सत्र के ठीक पहले रिजर्व बैंक ने एटीएम से नकदी निकासी  की सीमा खत्म करने का एलान किया है. इसके बावजूद लोग बचत खाते से सप्ताह में 24 हजार रुपये ही निकाल पाएंगे. यह व्यवस्था एक फरवरी से लागू होगी. जनसत्ता के मंगलवार के  अंक में यह समाचार सर्वाधिक महत्व देते हुए प्रकाशित किया गया है. जनसत्ता ने लिखा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी संकट की स्थिति बरकरार है. चलन से हटाए गए नोटों की तुलना में अभी सिर्फ 50 फीसदी नए नोट जारी किए जा सके हैं. चार नवंबर 2016 को अर्थव्यवस्था में 17.97 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन  में थे. इसके अलावा पाक में हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने और बीसीसीआई को ढर्रे पर लाने का जिम्मा विनोद राय को सौंपे जाने के समाचार भी जनसत्ता में प्रमुखता से छापे गए हैं.   
 
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झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत अदालत ने सात साल की सजा दी है. इस एक्ट के तहत देश में पहली बार सजा दी गई है. प्रभात खबर के रांची संस्करण में इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है. अखबार ने कोर्ट के फैसले की खबर विस्तार के प्रकाशित की है. राय पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. राय पर गलत तरीके से 4.33 करोड़ रुपये कमाने और उसे जायज करार देने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाने का आरोप है.  इसके अलावा माओवादी को मारने वाले एक आईपीएस अफसर को गैलेंट्री अवार्ड न मिलने का समाचार भी  प्रभात खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है.


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