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TOP 5 NEWS: सपा नेता आजम खान के बयान पर बवाल, कर्नाटक में येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

लोकसभा में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा सहित सभी दलों ने गुरूवार को पीठासीन सभापति रमा देवी के बारे में आजम खान की टिप्पणी की पार्टी लाइन से हटकर कड़ी निंदा की और स्पीकर से इस मामले में कठोर कार्रवाई करने की मांग की.

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TOP 5 NEWS: सपा नेता आजम खान के बयान पर बवाल, कर्नाटक में येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया
नई दिल्ली:

लोकसभा में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा सहित सभी दलों ने गुरूवार को पीठासीन सभापति रमा देवी के बारे में आजम खान की टिप्पणी की पार्टी लाइन से हटकर कड़ी निंदा की और स्पीकर से इस मामले में कठोर कार्रवाई करने की मांग की.  इस मामले पर शून्यकाल में निचले सदन में विभिन्न दलों की महिला सांसदों समेत दलों के नेताओं ने अपनी बात रखी.  महिला सांसदों ने स्पीकर से ऐसी कार्रवाई करने की मांग की जो ‘नजीर' बन सके.  विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि या तो आजम खान इसके लिए माफी मांगे या उन्हें निलंबित कर दिया जाए.  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न दलों के नेताओं एवं सदस्यों की इस मुद्दे बात सुनने के बाद अंत में कहा कि वह सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर इस बारे में कोई निर्णय करेंगे.  

निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी ने आजम खान के खिलाफ की कार्रवाई की मांग, अन्य दलों की महिला सांसदों ने भी की निंदा


लोकसभा सदस्य आजम खान के आचरण पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि यह पुरुषों समेत सभी सांसदों पर ‘‘धब्बा'' है.  इस घटना से पूरा सदन शर्मसार हुआ है. अगर ऐसी घटना सदन के बाहर होती तो पुलिस से संरक्षण मांगा जाता.  उन्होंने कहा कि आप ऐसा कुछ करके, बच कर नहीं जा सकते . यह सिर्फ महिला का सवाल नहीं है. आप (स्पीकर) ऐसी कार्रवाई करें कि दोबारा ऐसी बात कहने की कोई हिम्मत न कर सके. पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 

आजम खान पर मायावती का बयान- उन्हें संसद में ही नहीं बल्कि समस्त महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए

बसपा अध्यक्ष मायावती  ने लोकसभा में उपाध्यक्ष के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सपा सांसद आजम खान की कड़ी निंदा करते हुए उनसे सभी महिलाओं से माफी मांगने को कहा है.  मायावती ने ट्वीट कर कहा ''सपा सांसद आजम खां द्वारा कल लोकसभा में पीठासीन महिला के खिलाफ जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया वह महिला गरिमा तथा सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है और अति निन्दनीय है.'' लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने के बाद हाल में सपा से नाता तोड़ चुकी बसपा प्रमुख ने कहा कि आजम को इसके लिये संसद में ही नहीं, बल्कि सभी महिलाओं से माफी मांगनी चाहिये.

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गौरतलब है कि लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक पर रोक लगाने के प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा के दौरान पीठासीन सभापति रमा देवी को लेकर सपा सांसद आजम खां की एक टिप्पणी पर भाजपा सदस्यों ने जोरदार विरोध जताया और उनसे माफी की मांग की थी. पीठासीन सभापति रमा देवी ने ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019' पर सदन में हो रही चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहे खां से आसन की ओर देखकर बोलने को कहा था.  इस पर खान ने कुछ ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणी की जिस पर बीजेपी के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया. पीठासीन सभापति रमा देवी भी कहते सुनी गयीं कि यह बोलना ठीक नहीं है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए. उन्होंने इसके लिए खां से माफी मांगने को भी कहा था. 

इमारतों को ध्वस्त करने वाला बम इस्तेमाल करना चाहिए था, बालाकोट हमले पर बोले वायुसेना प्रमुख

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा का कहना है कि अगर हमें मालूम होता कि पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकाने पर किए गए हवाई हमले का 'प्रोपैगंडा' होगा, तो भारतीय विमानों के ज़रिये ऐसे बम गिराए जाते, जिनसे पूरा ढांचा ही ध्वस्त हो गया होता. भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने इसी साल 26 फरवरी को जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर पूर्वोत्तर पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी कैम्प पर इस्राइल-निर्मित स्पाइस 2000 बम का पेनेट्रेटर वर्शन गिराया था. यह हथियार इमारतों को भेदते हुए इंसानी निशानों को ही खत्म करता है, और इसके इस्तेमाल से यह ज़रूरी नहीं होता कि पूरी इमारत ध्वस्त होगी.

इमारतों को ध्वस्त करने वाला बम इस्तेमाल करना चाहिए था, बालाकोट हमले पर बोले वायुसेना प्रमुख

कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर NDTV से बातचीत में एयरचीफ मार्शल बी.एस. धनोवा ने कहा, "दूरदृष्टि से सोचने पर, अगर आप प्रोपैगंडा वॉर पर नज़र डालें, तो लगता है, हमें दूसरा स्पाइस बम गिराना चाहिए था, जो पूरी इमारत को ध्वस्त कर डालता..."

राज्यपाल से मिलकर बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया 

कर्नाटक में बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा  ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. बीएस येदियुरप्पा आज शाम 6 बजे पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे. राज्य में 3 दिन पहले ही कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरी है. इससे यहां पर नाटकीय घटनाक्रम हुए हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराया. कुमार के इस कदम से कांग्रेस-जदएस गठबंधन गिरने के दो दिन बाद राज्य में नई सरकार के गठन पर अनिश्चितता और बढ़ गई. कुमार ने फैसला किया कि तीनों विधायकों के इस्तीफे ‘‘स्वैच्छिक एवं स्वाभाविक नहीं हैं'' और इसलिए उन्हें 2023 में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक तत्काल प्रभाव से दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिया. अपना फैसला सुनाते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में शेष 14 मामलों पर फैसला करेंगे.

राज्यपाल से मिलकर बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, आज शाम 6 बजे लेंगे शपथ

स्पीकर ने कहा कि वह ‘‘अगले कुछ दिन में'' 14 अन्य विधायकों के संबंध में उनके पास लंबित इस्तीफे और अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करेंगे. गौरतलब है कि 23 जुलाई को विधानसभा में हुए शक्ति-परीक्षण में कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में आ गई थी. 

PM को खुला खत लिखने वालों पर कंगना, प्रसून समेत 61 शख्सियतों का पलटवार

देश में हो रहीं मॉब लिन्चिंग की वारदात और 'जय श्री राम' के नारे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 49 जानी-मानी शख्सियतों द्वारा खत लिखे जाने के तीन ही दिन बाद 61 अन्य शख्सियतों ने एक खत लिखकर PM को खत लिखने वालों पर 'चुनिंदा घटनाओं पर गुस्सा जताने, झूठे किस्से सुनाने और साफतौर पर राजनैतिक पक्षपात' का आरोप लगाया है. इस नए खत के लेखकों में भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के प्रमुख प्रसून जोशी, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, फिल्मकार मधुर भंडारकर, तथा विवेक अग्निहोत्री के अलावा शास्त्रीय नर्तकी व राज्यसभा सदस्य सोनल मानसिंह शामिल हैं.

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इस खत में लिखा गया है, "23 जुलाई, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम प्रकाशित खुले खत ने हमें अचंभे में डाल दिया है... देश की चेतना के 49 स्वयंभू रखवालों और अभिभावकों ने चुनिंदा चिंता व्यक्त की है, और साफतौर पर राजनैतिक पक्षपात का प्रदर्शन किया है..."



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