एक और भारत बंद: वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ आज सड़क पर उतरेंगे व्यापारी

व्यापारियों के संगठन कैट ने वालमार्ट द्वारा घरेलू खुदरा कंपनी फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण और खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के विरोध में आज यानी शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया है.

एक और भारत बंद: वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ आज सड़क पर उतरेंगे व्यापारी

वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ व्यापारियों का आज भारत बंद

नई दिल्ली:

व्यापारियों के संगठन कैट ने वालमार्ट द्वारा घरेलू खुदरा कंपनी फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण और खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के विरोध में आज यानी शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया है. कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक बयान में कहा है, “देश के सभी व्यावसायिक बाजार बंद रहेंगे और कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी. इस बंद में देश भर के सात करोड़ से अधिक छोटे कारोबारियों के हिस्सा लेने की संभावना है.” 

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व्यापारियों के संगठन ने दावा किया कि दिल्ली के कारोबारियों द्वारा ‘व्यापार बंद’ का आयोजन किया जाएगा. इसके तहत सभी थोक और खुदरा बाजार बंद रहेंगे. कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वालमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे और .

इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा इंटरनेट के जरिए दवाओं की बिक्री यानी ई-फार्मेसी को मंजूरी दिए जाने के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने भी 28 सितम्बर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. एआईओसीडी के अध्यक्ष जे. एस. शिंदे ने एक प्रेस वार्ता में हड़ताल की घोषणा की. देशभर में दवाइयों के वितरण कारोबार से जुड़े एआईओसीडी के तकरीबन आठ लाख सदस्य 28 सितम्बर को दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे.

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एआईओसीडी और आरडीसीए के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा, "सरकार को किसी भी दवा की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि इससे दवाइयों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाता है. फिलहाल ऑनलाइन फार्मेसी का कारोबार अवैध है और सरकारी प्रशासन इसके खिलाफ अब कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. लिहाजा आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया है." (एजेंसी )