महाराष्ट्र के पालघर और हिमाचल के चंबा में महसूस किये गए भूकंप के झटके

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में शुक्रवार सुबह कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. अधिकारियों ने बताया कि जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. 

महाराष्ट्र के पालघर और हिमाचल के चंबा में महसूस किये गए भूकंप के झटके

Mumbai Earthquake: चंबा और पालघर में भूकंप के झटके महसूस किये गए. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली :

मुंबई से सटे पालघर (Earthquake in Mumbai) में शुक्रवार को भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी सुबह कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. अधिकारियों ने बताया कि जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा, ‘सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया'. उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र चंबा से पांच किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में स्थित था. आसपास के इलाकों में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. चंबा समेत राज्य के ज्यादातर हिस्से भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आते हैं. 

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महाराष्ट्र के पालघर में (Mumbai Earthquake) भी सुबह 11 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई. भूकंप के झटके मुंबई (Mumbai Earthquake) तक महसूस हुए. हालांकि बताया जा रहा है कि भूकंप की तीव्रता कम होने की वजह से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. आपको बता दें कि भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए.

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भूकंप आए तो क्या करें, क्या न करें
भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें. जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें. चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें. ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो. भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं. मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें. टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें. घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें. बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें. कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं. झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें. (इनपुट- भाषा से भी)