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बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: ट्रायल जज ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी सुरक्षा

बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती आरोपी हैं.

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बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: ट्रायल जज ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी सुरक्षा

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली:

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रहे लखनऊ की विशेष कोर्ट के ट्रायल जज ने सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जज के आग्रह पर विचार करने और हलफनामा दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते में यूपी सरकार जवाब दे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही आडवाणी, उमा भारती समेत कई नेताओं पर बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश का मामला चल रहा है. 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती पर बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश पर 9 महीने में फैसला आए. 

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सुप्रीम कोर्ट ने 19 जुलाई को विशेष जज का कार्यकाल मामले की सुनवाई पूरी होने तथा फैसला सुनाए जाने तक बढ़ा दिया था. बहरहाल, राज्य सरकार को इस संबंध में आदेश जारी करना है जो उसने अब तक नहीं किया है. इस मामले में फैसला सुनाते हुए जस्टिस आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि जज 6 महीने में सुनवाई पूरी करेंगे.


बता दें, बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती आरोपी हैं. इन तीनों के अलावा, उच्चतम न्यायालय ने पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार तथा साध्वी रितंभरा पर भी 19 अप्रैल 2017 को षड्यंत्र के आरोप लगाए थे. इस मामले में तीन अन्य रसूखदार आरोपियों गिरिराज किशोर, विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल और विष्णु हरि डालमिया की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई.



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