NDTV Khabar

त्रिपुरा में स्टालिन-लेनिन की जयंती मनाई जाती है लेकिन टैगोर और विवेकानंद की नहीं : अमित शाह

त्रिपुरा में 60 सीटों पर विधानसभा का चुनाव 18 फरवरी को होने जा रहा है और इसके परिणाम तीन मार्च को जारी होंगे. वहीं, सबसे ज्यादा संपत्ति रखने वाले शीर्ष 10 उम्मीदवारों में सात भाजपा के और तीन कांग्रेस के हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
त्रिपुरा में स्टालिन-लेनिन की जयंती मनाई जाती है लेकिन टैगोर और विवेकानंद की नहीं : अमित शाह

आज अमित शाह की त्रिपुरा में तीन रैलियां हैं

खास बातें

  1. त्रिपुरा में बीजेपी का धुआंधार प्रचार
  2. बीजेपी ने लगा रखी है पूरी तैयारी
  3. राज्य सरकार पर शाह का निशाना
नई दिल्ली: त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह  रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी त्रिपुरा में हिंसा की राजनीत को विकास की राजनीति में बदलना चाहती है. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में स्टालिन और लेनिन की जयंती मनाई जाती है लेकिन टैगोर और विवेकानंद की नहीं. शाह ने वहां मौजूद लोगों से अपील करते हुए कहा कि बीजेपी को राज्य की सत्ता में इस बार लाइए, हम को पांच साल में मॉडल राज्य बनाकर देंगे. अमित शाह ने राज्य की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां पर लाल भाइयों की सरकार है. मैं पूछना चाहता हूं कि यहां के सरकारी कर्मचारियों को 7 वें वेतन आयोग के तहत सैलरी मिलती है क्या?  आपको बता दें कि आज तीन जगहों पर चुनावी रैली का कार्यक्रम है. वह आज मोहनपुर, चौमानू और तेलियामूरा टाउन हॉल में जनसभा को संबोधित करेंगे. आज की तीसरी और आखिरी रैली उनकी शाम साढ़े तीन बजे तेलियामूरा टाउन हॉल में है.​

त्रिपुरा में माकपा और बीजेपी की सहयोगी पार्टी आईपीएफटी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 8 घायल
गौरतलब है कि त्रिपुरा में 60 सीटों पर विधानसभा का चुनाव 18 फरवरी को होने जा रहा है और इसके परिणाम तीन मार्च को जारी होंगे. वहीं, सबसे ज्यादा संपत्ति रखने वाले शीर्ष 10 उम्मीदवारों में सात भाजपा के और तीन कांग्रेस के हैं. इसी बीच बता दें कि त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव लड़ रहे 297 उम्मीदवारों में से 22 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. संवैधानिक सुधार की दिशा में काम कर रहे एक गैर सरकारी संगठन ने पिछले ही दिनों यह दावा किया था. गैर सरकारी संगठन त्रिपुरा इलेक्शन वॉच के द्वारा किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि 17 उम्मीदवारों के खिलाफ दंगा, हत्या, आपराधिक धमकी और बलात्कार के आरोप हैं.

टिप्पणियां
VIDEO- त्रिपुरा में बीजेपी का नारा- चलो पलटाई


इन 17 उम्मीदवारों में से नौ भाजपा, तीन कांग्रेस, दो आईपीएफटी, एक तृणमूल कांग्रेस और अन्य स्वतंत्र उम्मीदवार हैं. त्रिपुरा इलेक्शन वॉच के संयोजक बिस्वेंदु भट्टाचार्य ने बताया कि ये जानकारियां उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान दिए गए हलफनामों में मौजूद है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement