''पानीपत'' के लिए बढ़ी मुश्किलें, अब राजस्थान के शाही परिवार ने किया फिल्म का विरोध, की बैन करने की मांग

हरियाणा और राजस्थान के कई लोग फिल्म में महाराजा सूरजमल को गलत तरह से पेश किए जाने को लेकर इसका विरोध कर रहे हैं और फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे हैं.

''पानीपत'' के लिए बढ़ी मुश्किलें, अब राजस्थान के शाही परिवार ने किया फिल्म का विरोध, की बैन करने की मांग

आशुतोष गोवारीकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 6 दिसंबर को रिलीज हुई है.

खास बातें

  • 6 दिसंबर को रिलीज हुई है फिल्म पानीपत
  • राजस्थान, हरियाणा के जाट कर रहे फिल्म को बैन करने की मांग
  • राजस्थान के मंत्री ने कहा-महाराजा सूरजमल को गलत तरह से किया गया है पेश
नई दिल्ली:

6 दिसंबर को रिलीज हुई फिल्म ''पानीपत'' (Panipat) के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. दरअसल, हरियाणा और राजस्थान के कई लोग फिल्म में महाराजा सूरजमल को गलत तरह से पेश किए जाने को लेकर इसका विरोध कर रहे हैं और फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे हैं. हाल ही में राजस्थान के शाही परिवार के सदस्य और राज्य सरकार के एक मंत्री ने फिल्म को बैन करने की मांग की है. राजस्थान (Rajasthan) के मंत्री विश्वेंद्र सिंह (Vishvendra Singh) ने आरोप लगाया है कि फिल्म ''पानीपत'' में उनके पूर्वज, भरतपुर के महाराजा सूरजमल को गलत तरह से दिखाया गया है.

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''फिल्म में दिखाया गया है वह मराठा सेना की कोई मदद नहीं करते और लड़ाई के बाद पीछे हट जाते हैं''.  उन्होंने कहा कि ''महाराजा सूरजमल के चित्रण से जाटों की भावनाओं को ठेस पहुंची है''. विश्वेंद्र सिंह ने कहा, ''यह बहुत दुखी करने वाला है कि भरतपुर के महान राजा सूरजमल जाट को फिल्म में गलत तरह से दिखाया गया है और इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है. मेरा मानना है कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के जाट समुदाय के भारी विरोध को देखते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, वर्ना देश की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है''. 

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी फिल्म को निंदनीय बताया. उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा, ''महान, आत्मसम्मान वाले, महाराजा सूरजमल का गलत चित्रण निंदनीय है''. राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा, ''मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14 वीं पीढ़ी से हूं. वास्तविकता यह है कि जब पेशवा और मराठा युद्ध हारने के बाद पानीपत से लौट रहे थे और घायल हो गए, तो महाराजा सूरजमल और महारानी किशोरी ने पूरी मराठा सेना और पेशवाओं को छह महीने तक शरण दी थी. भरतपुर की तत्कालीन राजधानी कुम्हेर में खांडेराव होल्कर की मृत्यु हो गई थी और आज भी उनकी समाधि वहां पर है''. 

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भरतपुर के जाटों ने इस फिल्म को लेकर नाराजगी व्यक्त की है. वहीं मामले को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जरूरत पढ़ने पर हम मामले को देखेंगे. उन्होंने कहा, ''मैंने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है. यह सरकार का विशेषाधिकार है. अगर फिल्म में ऐसी कोई घटना है, तो संबंधित विभागों को इस पर गौर करना चाहिए''.

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बता दें, इस फिल्म में अर्जुन कपूर, कृति सेनन और संजय दत्त अहम भूमिकाओं में हैं और फिल्म का निर्देशन आशुतोष गोवारीकर ने किया है.