टीटीवी दिनाकरण ने कहा, जेल से बाहर आना वापसी है, अब पार्टी को युनाइट करूंगा

उन्होंने कहा कि यह उनकी ड्यूटी है कि वे पार्टी को एक करें. इसके लिए वह अपनी अंटी वीके शशिकला से बेंगलुरु जेल में मुकालात करेंगे.

टीटीवी दिनाकरण ने कहा, जेल से बाहर आना वापसी है, अब पार्टी को युनाइट करूंगा

एआईएडीएमके नेता टीटीवी दिनाकरण.

चेन्नई:

एआईएडीएमके नेता टीटीवी दिनाकरण जिन्हें एक हफ्ते पहले ही भ्रष्टाचार के एक मामले जमानत मिली और जेल से बाहर आए हैं, ने कहा कि वह अभी भी पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह उनकी ड्यूटी है कि वे पार्टी को एक करें. इसके लिए वह अपनी अंटी वीके शशिकला से बेंगलुरु जेल में मुकालात करेंगे. उन्होंने कहा कि यह मुलाकात एक भतीजे के रूप में नहीं बल्कि पार्टी में उनसे छोटे पदाधिकारी के रूप में होगी.  इसके साथ ही दिनाकरण ने कहा कि वह अब उनकी (शशिकला) की सलाह पर काम करेंगे.

एनडीटीवी से बात करते हुए दिनाकरण ने कहा मैं एआईएडीएमके का डिप्टी जनरल सेक्रेटरी हूं. जेल से बाहर आना मेरी वापसी है. इसके साथ ही दिनाकरण ने जोर देकर कहा कि पार्टी का कैडर उनके साथ एकजुट है. मुख्यमंत्री पद की रेस के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. 

53 वर्षीय दिनाकरण को शशिकला ने अपना डिप्टी नियुक्त किया था.  यह काम उन्होंने भ्रष्टाचार के एक मामले चार साल की जेल की सजा पर जाने से पहले किया था. इसके बाद दिनाकरण को पार्टी में किनारे कर दिया गया था क्योंकि वह नाराज एआईएडीएमके के गुट को साथ लाने का प्रयास कर रहे थे. यह नाराज गुट ओ पन्नीरसेलवम के साथ था जो पार्टी से शशिकला और उनके परिवार को दूर करने की मांग कर रहे थे. 

इस सबके बीच दिनाकरण को दिल्ली पुलिस ने तब गिरफ्तार कर लिया था जब जांच में यह बात सामने आई कि दिनाकरण ने पार्टी का चुनाव चिह्न पाने के लिए चुनाव अधिकारियों को रिश्वत की पेशकश की थी. यह दावा पार्टी के ही विरोधी गुट ने की थी. इस दावे में मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी की भी सहमति थी.

तमिलनाडु की आरके नगर सीट तब खाली हो गई थी जब जे जयललिता की मौत हो गई थी. इसके बाद इस सीट पर चुनाव के लिए ही पार्टी सिंबल के लिए बिचौलिए के जरिए चुनाव अधिकारियों को रिश्वत की पेशकश किए जाने के आरोप लगे थे. अब दिनाकरण का कहना है कि जब भी सीट पर चुनाव होंगे वह इस सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं. बता दें कि यहां पर हुए उपचुनाव को चुनाव आयोग ने कई अनियमितताओं के चलते रद्द कर दिया था. 

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जेल से बाहर आने के बाद दिल्ली में दिनाकरण ने कहा था कि उसे पार्टी से नहीं निकाला गया है और यह काम केवल पार्टी की जनरल सेक्रेटरी ही कर सकती हैं. 

दिनाकरण ने कहा कि जब मैं चेन्नई पहुंचा और मुझे मिलने के पार्टी  के कार्यकर्ताओं को जो हुजूम इकट्ठा हुआ था उसे देखकर लगता है कि वे मुझे पार्टी में और सक्रिय रूप से देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं की सलाह और निर्देश पर मैं काम करूंगा. मैं पार्टी के एक करने के लिए काम करूंगा. पिछले 45 दिनों में ज्यादा कुछ नहीं बदला है.