धर्म संसद से पहले मोदी सरकार पर बरसे उद्धव ठाकरे, कहा- मंदिर नहीं बनाया तो यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि केंद्र सरकार के पास पूरा अधिकार है कि वह इस बार राम मंदिर का निर्माण कराए. अगर वह ऐसा नहीं करती है तो मैं आपको दावे के साथ कह सकता हूं कि यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी.

धर्म संसद से पहले मोदी सरकार पर बरसे उद्धव ठाकरे, कहा- मंदिर नहीं बनाया तो यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी

उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर किया हमला

खास बातें

  • हिंदुओं की भावनाओं से ना खेले सरकार- ठाकरे
  • चार साल में क्यों नहीं बनाया मंदिर दें जवाब- ठाकरे
  • पीएम मोदी पर लगाया लोगों को ठगने का आरोप
अयोध्या:

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Issue) की मांग को लेकर होने वाली धर्म संसद (Dharm Sansad) से ठीक पहले शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने अयोध्या (Ayodhya)  में रविवार सुबह एक प्रेस कांफ्रेंस की. उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray)  ने कहा कि केंद्र सरकार के पास पूरा अधिकार है कि वह इस बार राम मंदिर का निर्माण कराए. अगर वह ऐसा नहीं करती है तो मैं आपको दावे के साथ कह सकता हूं कि यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी. लेकिन राम मंदिर (Ram Mandir Issue) जरूर बनेगा. उन्होंने कहा कि आज सुबह जब मैं रामलला के दर्शन करने जा रहा था तो मेरे मन में विचार आया कि मैं रामलला के दर्शन करने जा रहा हूं या कोई जेल जा रहा हूं.

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ठाकरे इस दौरान केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीते चार साल में सरकार ने एक बार भी ऐसी कोशिश नहीं की कि वह राम मंदिर का निर्माण हो. अब जब चुनाव नजदीक है तो वह हिन्दुओं की भावनाओं से खेल रही है. उन्होंने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया. उद्धव ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि हिंदू मात नहीं खाएगा. मैं मानता हूं कि उस समय अटल जी की मिली जुली सरकार थी इसलिए चाह कर भी राम मंदिर के लिए कुछ नहीं कर पाए लेकिन अब तो केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है. उद्धव ठाकर ने कहा कि मैनें सुना था कि सीएम योगी जी ने कहा कि मंदिर था, है और रहेगा. ये तो हमारी धारना है, हमारी भावना है. दुख इस बात का है कि वो दिख नहीं रहा. वो मंदिर दिखेगा कब. जल्द से जल्द उसका निर्माण होना चाहिए.
 


 

इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि मेरे अयोध्या आने के पीछे कोई छिपी हुई मंसा नहीं थी. मैं सिर्फ भारतीय और हिंदुओं के प्रति अपनी  भावना व्यक्त करना चाहता था. मोदी सरकार पर हमला करते हुए ठाकर ने कहा कि अगर मामला अदालत के पास ही जाना है तो चुनाव प्रचार के दौरान उसे इस्तेमाल ना करें और बता दो कि भाइयों और बहनों हमें माफ करो ये भी हमारा एक चुनावी जुमला था. हिंदुओं और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ ना करें यही कहने मैं यहां आया हं. 
 


इससे पहले उन्होंने शनिवार को अयोध्या में कहा था कि मैं कोई राजनीति करने नहीं आया हूं, बल्कि सोये हुए कुंभकर्ण को जगाने आया हूं. उद्धव ठाकरे ने कहा,  'मैं श्री राम चंद्र का दर्शन करने आया हूं. राम लला और हिन्दुत्व को क्या कभी हम भूल सकते हैं'.

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उन्होंने राम मंदिर निर्माण में देरी को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'श्रीराम जन्मभूमि में श्रीराम का मंदिर होना ही चाहिए. आज मैं सोये हुए कुंभकर्ण को जगाने आया हूं. कुंभकर्ण छह महीने सोता था और छह महीने जागता था.आज के कुंभकर्ण पिछले चार साल से सोये हुए हैं'. ठाकरे ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे, तब मिली जुली सरकार थी. उस समय यह कार्य कठिन हो सकता था, लेकिन आज की सरकार ताकतवर सरकार है, केन्द्र में भी और उत्तर प्रदेश में भी.अध्यादेश लाना चाहते हैं लाइये, कानून बनाना चाहते हैं, कानून बनाइये. शिवसेना उसका पूरा समर्थन करेगी'.उद्धव ठाकरे ने कहा था कि राम मंदिर श्रद्धा का मामला है. सरकार को राम मंदिर के लिए अदालत के फैसले से पहले कानून लाना चाहिए.

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 'मैं भूलने वालों को याद दिलाने आया हूं कि जल्द मंदिर बनाइये .सीने में दम होना चाहिए, हृदय होना चाहिए. देश और विश्व के हिन्दू कंधे से कंधा मिलाकर मंदिर निर्माण में सहभागी होना चाहते हैं'. उन्होंने कहा था कि अटल जी ने कहा था कि अब हिन्दू मात नहीं खाएगा, तो अब हिन्दू चुप नहीं बैठेगा . शिवसेना प्रमुख ने उपस्थित जनसमूह से नारा लगवाया, ''हर हिन्दू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार''. उद्धव ठाकरे ने कहा था कि दिन, महीने, साल और पीढ़ियां निकल गयीं. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे. पहले बताओ कि मंदिर कब बनाओगे. बाकी बात बाद में होती रहेगी.

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उन्होंने मांग की थी कि राम मंदिर निर्माण के लिए तिथि की घोषणा की जाए. आपको बता दें कि अयोध्या में रविवार को होने वाली धर्मसभा से पहले माहौल फिर से गरमाता नजर आ रहा है.बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर रविवार को वीएचपी और शिवसेना अलग-अलग आयोजन करने जा रही है. जबकि आज ही के दिन अयोध्या में धर्म संसद का भी आयोजन होना है. इन तमाम आयोजनों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यूपी पुलिस समेत पीएससी और आरएएफ की कई कंपनियों को तैनात किया गया है.