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UGC ने 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने का निर्देश जारी किया, विपक्षी दलों ने विरोध जताया

यूजीसी ने देश भर के यूनिवर्सिटीज़ और हायर एजुकेशन संस्थानों को 29 सितंबर सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के तौर पर मनाने का फरमान जारी किया है.

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UGC ने 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने का निर्देश जारी किया, विपक्षी दलों ने विरोध जताया

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. UGC ने 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने का निर्देश जारी किया,
  2. विपक्षी दलों ने विरोध जताया
  3. सरकार ने अपनी सफाई में कहा है कि ये अनिवार्य नहीं है
नई दिल्ली:

यूजीसी ने देश भर के यूनिवर्सिटीज़ और हायर एजुकेशन संस्थानों को 29 सितंबर सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के तौर पर मनाने का फरमान जारी किया है. वहीं, इस पहल का विपक्षी दलों ने विरोध किया है, जबकि सरकार ने सफाई में कहा है कि ये अनिवार्य नहीं है. 29 सिंतबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे के तौर पर मनाने के लिए यूनिवर्सिटीज़ को जारी यूजीसी के दिशा-निर्दश पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. यूजीसी ने चिट्ठी के ज़रिए यूनिवर्सिटीज़ को इस मौक़े पर पूर्व सैनिकों से बातचीत, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और जवानों को ग्रीटिंग कार्ड भेजने जैसी गतिविधियों के निर्देश दिए हैं. जिसकी कांग्रेस ने निंदा करते हुए इसे एक राजनीतिक पहल करार दिया है. 

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तृणमूल कांग्रेस ने इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं करने का फैसला किया है. एनडीटीवी से बातचीत में कपिल सिब्बल ने कहा, "ये एक राजनीतिक पहल है. ये मैसेज देने के लिए कि मोदी जो कर सकते हैं वो कोई और आज तक नहीं कर पाया. मैं इस पहल की निंदा करता हूं. ये यूनिवर्सिटीज़ के कामकाज में हस्तक्षेप है. उनका स्वायत्ता के अधिकार का हनन है." हालांकि, इस सर्कुलर पर सवाल उठने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सफ़ाई देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होना अनिवार्य नहीं है.

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उधर, जेएनयू प्रशासन ने 29 जनवरी को सर्जिकल स्ट्राइक डे के तौर पर मनाने का फैसला किया है. 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे के तौर पर मनाने के फैसले पर राजनीतिक दलों के समर्थन और विरोध से अलग ये महत्वपूर्ण सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या सर्जिकल स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाई को विश्विद्यालयों के कैंपस में जश्न का विषय बनाना चाहिये?


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