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संजीव बालियान का विवादित बयान- पश्चिमी UP के छात्रों को JNU-जामिया में 10 फीसदी आरक्षण दे दो, सबका इलाज कर देंगे

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने नागरिकता कानून (CAA) के बहाने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में हुई अराजकता को लेकर छात्रों पर हमला बोला.

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संजीव बालियान का विवादित बयान- पश्चिमी UP के छात्रों को JNU-जामिया में 10 फीसदी आरक्षण दे दो, सबका इलाज कर देंगे

संजीव बालियान केंद्रीय मंत्री हैं. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. संजीव बालियान ने मेरठ में की रैली
  2. CAA समर्थन में थी बालियान की रैली
  3. 'JNU और जामिया में दे दो आरक्षण'
मेरठ:

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) अक्सर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. एक बार फिर वह चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने नागरिकता कानून (CAA) के बहाने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में हुई अराजकता को लेकर छात्रों पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्रों का JNU और जामिया में 10 फीसदी आरक्षण करवा दें, वह सबका इलाज कर देंगे.

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने मेरठ में CAA को लेकर आयोजित की गई समर्थन रैली में कहा, 'मैं राजनाथ जी (केंद्रीय रक्षा मंत्री) से निवेदन करूंगा, जो (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) JNU और जामिया (मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय) में देश के विरोध में नारे लगाते हैं, इनका इलाज एक ही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का वहां 10 फीसदी आरक्षण करवा दो, सबका इलाज कर देंगे, किसी की जरूरत नहीं पड़ने की. कोई नारा नहीं लगा पाएगा. देश के खिलाफ नारा लगाने की फिर किसी की हिम्मत नहीं होगी. ये पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भूमि है.' इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने हिंदुस्तान और पाकिस्तान में हिंदुओं और मुसलमानों की जनसंख्या में अंतर पर भी अपनी बात रखी.

गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल संसद में पेश किया गया था. जिसके बाद असम, मणिपुर समेत देश के कई राज्यों में इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने लगे. प्रदर्शनों की परवाह न करते हुए केंद्र सरकार ने इसे लोकसभा और राज्यसभा से पारित करवा लिया. नागरिकता कानून के विरोध में जामिया के छात्रों ने प्रदर्शन किया था. दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने यूनिवर्सिटी में घुसकर छात्रों को पीटा. वहीं, इसी महीने की शुरूआत में नकाबपोश बदमाशों ने JNU में घुसकर लेफ्ट समर्थित नेताओं, छात्रों और शिक्षकों से मारपीट की. JNUSU अध्यक्ष आयशी घोष (Aishe Ghosh) को भी काफी चोटें आई थीं. पीड़ितों ने ABVP पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है.


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VIDEO: JNU में हुई घटना के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटी भीड़



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