NDTV Khabar

केंद्रीय मंत्री उमा भारती बोलीं- राम मंदिर का निर्माण मेरा सपना, जो भी हो करने के लिए तैयार हूं

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए उनसे जो बन पड़ेगा वह करने के लिए तैयार हैं.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
केंद्रीय मंत्री उमा भारती बोलीं- राम मंदिर का निर्माण मेरा सपना, जो भी हो करने के लिए तैयार हूं

अयोध्या में राम मंदिर पर उमा भारती

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासत गर्म है. पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर निर्माण को लेकर बयानबाजियों का दौर तेज हो गया है. इसी क्रम में इस बार केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए उनसे जो बन पड़ेगा वह करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण उनका सपना है. बता दें कि बीते कुछ दिनों से यह मांग उठ रही है कि राम मंदिर बनाने के लिए सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. हालांकि, यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीना है और जनवरी में इस पर सुनवाई होगी. 

शशि थरूर ने फिर साधा मोदी पर निशाना, ‘सफेद घोड़े पर हाथ में तलवार लेकर बैठा हीरो' करार दिया

शनिवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि 'मैं राम जन्‍मभूमि आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थी. उससे जुड़े एक मामले की सुनवाई अभी भी चल रही है. मुझे इस पर गर्व है. राम मंदिर का निर्माण मेरा सपना है, इसके लिए मेरी ओर से जिस पहल की आवश्‍यकता होगी, मैं करने को तैयार हूं.'

टिप्पणियां
न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है: जस्टिस चेलमेश्वर वहीं, केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि राम मंदिर बनना चाहिए. मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पर फैसला हो. मैं सरकार के बारे में नहीं कह सकता. मगर मेरी व्यक्तिगत राय है कि अगर न्याय में देरी होती है तो कानून बनाया जा सकता है. 

राम माधव बोले- सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर पर देरी किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण, हिंदू समुदाय चिंतित है इसके अलावा, योग गुरु रामदेव ने अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की शनिवार को कड़ी वकालत की और कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय मामले में जल्द फैसला नहीं देता तो संसद में कानून लाया जाना चाहिए. उच्चतम न्यायालय ने गत 29 अक्टूबर को अयोध्या भूमि विवाद मामले में तत्काल सुनवाई किए जाने से इनकार कर दिया था.  इसने कहा था कि एक ‘उचित पीठ' जनवरी में फैसला करेगी कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में कब सुनवाई की जाए. 
 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement