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यूपी में किसानों की कर्ज माफी के साइड इफेक्ट! अब महाराष्ट्र से उठी कर्ज माफी की मांग

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यूपी में किसानों की कर्ज माफी के साइड इफेक्ट! अब महाराष्ट्र से उठी कर्ज माफी की मांग

उद्धव ठाकरे ने की महाराष्ट्र में किसानों का कर्ज माफ करने की मांग

लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में वादे के मुताबिक छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ़ कर दिया. .यूपी में कुल दो करोड़ 30 लाख किसान हैं, जिनमें दो करोड़ 15 लाख लघु और सीमांत किसान हैं. इस फैसले का असर अब दूसरे राज्यों में दिखने लगा है कि जहां बीजेपी की सरकारें हैं. महाराष्ट्र में भी काफ़ी समय से क़र्ज़ माफ़ी की मांग उठती रही है जो अब ज़ोर पकड़ने लगी है. सरकार की सहयोगी शिवसेना के साथ साथ एनसीपी ने भी फडणवीस सरकार से योगी सरकार के कदमों पर चलने की मांग की है.

शिवसेना ने इस मुद्दे पर कहा है कि महाराष्ट्र में कर्ज माफी की मांग पर यूपी के मुख्यमंत्री ने दिखाया कि कर्ज माफ़ करना महज 'चुनावी जुमला नहीं है. मैं देवेन्द्र फडणवीस से अपील करता हूं कि आदित्यनाथ के कदमों पर चलें. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी कर्ज माफी का ऐलान करें.

उल्लेखनीय है कि उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक लघु और सीमांत किसानों को फायदा देते हुए उनका एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ करने का अहम फैसला लिया. सरकार ने किसानों का कुल मिलाकर 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया. सरकार ने किसानों द्वारा किसी भी बैंक से लिया गया फसली कर्ज माफ किया है. इसके लिए सभी किसानों के खातों में फौरन भुगतान किया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36,359 करोड़ रुपये का बोझ आएगा.. (योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने किया वादा पूरा, 2 करोड़ से ज्‍यादा किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ)

कांग्रेस ने किसान ऋण माफी के फैसले को अधूरा वादा बताया
वहीं कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार के किसान ऋण माफी के फैसले को ‘अधूरा वादा’ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को किसानों से किये वादे पूरी तरह से पूरे करने चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि किसान आधे सच के साथ नहीं बल्कि पूरी ऋण माफी से अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों पर 92241 करोड़ रुपये का कुल ऋण है और सरकार ने केवल 36 हजार करोड़ रुपये का फसल ऋण माफ किया है, जिससे वे हताश हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों पर 56241 करोड़ रुपये का ऋण बना हुआ है और भाजपा ने इस कदम की घोषणा करके किसानों को केवल ‘बेवकूफ’ बनाया है. इस कदम से किसानों को हताशा से बाहर निकलने में कोई मदद नहीं मिलेगी.

शिअद ने किया फैसले का स्वागत
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने किसानों के ऋण माफ करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत किया और पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार से भी ऐसा करने की अपील की. पार्टी के सचिव और प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता पूरी की और इस ‘‘ऐतिहासिक’’ फैसले की भरपूर तारीफ की जानी चाहिए. (इनपुट्स भाषा से)


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