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यूपी से कांग्रेस की विधायक ने धारा 370 हटाए जाने का किया समर्थन, कहा- इसकी जरूरत बहुत पहले से थी...

उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी लाइन से अलग केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करती हैं.

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यूपी से कांग्रेस की विधायक ने धारा 370 हटाए जाने का किया समर्थन, कहा- इसकी जरूरत बहुत पहले से थी...

कांग्रेस विधायक ने धारा 370 हटाने का स्वागत किया

खास बातें

  1. अदिति सिंह ने कहा- मैं सरकार के फैसले का स्वागत करती हूं
  2. यूपी से कांग्रेस की विधायक हैं अदिति सिंह
  3. कई अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी किया है सरकार का समर्थन
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी के बीच दो खेमे बनते दिख रहे है. यही वजह है कि पार्टी लाइन से अलग कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने धारा 370 को हटाने का समर्थन भी किया. इन नेताओं में जनार्दन द्विवेदी जैसे नेता भी शामिल हैं. अब इस सूची में यूपी की विधायक और कांग्रेस की नेता अदिति सिंह का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी लाइन से अलग केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करती हैं. अदिति सिंह ने एएनआई से बातचीत में कहा कि मैं धारा 370 को हटाए जाने का पूरी तरह से समर्थन करती हूं. मेरे हिसाब से यह एक ऐतिहासिक क्षण है. हमें इसे लेकर कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए. इस फैसले से कश्मीर के लोगों का विकास होगा. 


गौरतलब है कि अदिति सिंह से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने भी इस फैसले का समर्थन किया था. कांग्रेस के सीनियर नेता जनार्दन द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित क्षेत्रों में बांटने के केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया था और अपनी पार्टी के रुख के विपरीत राय रखते हुए कहा था कि सरकार ने एक 'ऐतिहासिक गलती' सुधारी है. द्विवेदी ने कहा था कि यह राष्ट्रीय संतोष की बात है कि स्वतंत्रता के समय की गई गलती को सुधारा गया है. उन्होंने कहा था कि यह बहुत पुराना मुद्दा है. स्वतंत्रता के बाद कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं चाहते थे कि अनुच्छेद 370 रहे. मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया शुरू से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते थे. मेरे व्यक्तिगत विचार से तो यह एक राष्ट्रीय संतोष की बात है. 

धारा 370 हटाए जाने के बाद हरियाणा में पुलिस को सतर्क किया गया

ध्यान हो कि सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने संबंधी अनुच्छेद 370 समाप्त करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों.... जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने का फैसला किया है. इससे संबंधित दो संकल्पों एवं एक विधेयक को सोमवार को राज्यसभा की मंजूरी मिल गयी. धेयक के पक्ष में 125 वोट और विपक्ष में 61 वोट पड़े. वहीं एक सदस्य गैर हाजिर रहा.

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गृहमंत्री अमित शाह ने यह भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर हमेशा के लिए केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा. गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा था कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य होते ही उसे पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा. अमित शाह ने यह भी कहा था कि 370 के रहते घाटी से आतंकवाद को मिटा पाना मुश्किल है.

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