टू प्लस टू वार्ता से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ

इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक राजनाथ सिंह ने बैठक में अमेरिकी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में निवेश का न्योता दिया.

टू प्लस टू वार्ता से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ

नई दिल्ली:

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) और और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर (Mark Esper) सोमवार को भारत-अमेरिका के बीच होने वाली 'टू प्लस टू' मंत्रिस्तरीय वार्ता में भाग लेने दिल्ली पहुंचे. मंगलवार को होने वाली भारत-अमेरिका 2 प्लस 2 (2+2) मंत्रिस्तरीय वार्ता से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पिओ ने दिल्ली पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की.

अमेरिकी विदेश और रक्षा मंत्री की भारत यात्रा पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक नोट के मुताबिक यह अमेरिका भारत के साथ ग्लोबल स्तर पर सामरिक संबंधों त्रिस्तरीय वार्ता है. जिससे पता चलता है कि दोनों देश सुरक्षा और राजनयिक मामलों में समान सोच रखते हैं.

यह भी पढ़ें- मिलिट्री सेटेलाइटों के डाटा तक पहुंच के लिए अमेरिका के साथ डील साइन करेगा भारत 

अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो रही है. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत आना क्या सामरिक संबंधों में निरंतरता को दर्शाता है? सामरिक मामलों के विशेषज्ञ, के पी नायर के बताया है, "जी हां, ये कॉन्टिन्यूटी को दिखता है. ये दिखता है की अमेरिका भारत के साथ संबंधों को मज़बूत करना चाहता है. नए राष्ट्रपति के चुने जाने के बाद ये 'टू प्लस टू' मंत्रिस्तरीय वार्ता इस साल होना मुश्किल होता."

इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक राजनाथ सिंह ने बैठक में अमेरिकी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में निवेश का न्योता दिया.

Newsbeep

यह भी पढ़ें- अमेरिका में चुनाव से पहले भारत से कई रक्षा करार संभव, 2+2 वार्ता में हो सकता है ऐलान

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


मंगलवार को दोनों देशों के बीच बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपोरेशन एग्रीमेंट (BECA)पर हस्ताक्षर होंगे. इसके तहत भारत को मिसाइल और ड्रोन्स के बेहतर इस्तेमाल के लिए जरूरी टोपोग्राफिकल, नॉटिकल और एरोनॉटिकल डाटा मिलेगा. जाहिर है विदेश और रक्षा मंत्रियों की ये आपसी मुलाकात भारत और अमेरिका के लगातार क़रीब आने का इशारा है.