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मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा: मेरठ लाइन पर ट्रेनें शाम छह बजे तक रद्द, रूट में चेंज

पुरी-हरिद्वार कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस की 13 बोगियां दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर खतौली के समीप कल पटरी से उतर गईं.

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मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा: मेरठ लाइन पर ट्रेनें शाम छह बजे तक रद्द, रूट में चेंज

फाइल फोटो

खास बातें

  1. मुजफ्फरनगर के खतौली के पास हुआ ट्रेन हादसा
  2. स्‍थानीय लोगों के मुताबिक मानवीय चूक के चलते हुए हादसा
  3. इसके चलते रविवार को मेरठ लाइन की गाडि़यों का रूट चेंज किया गया
मुजफ्फरनगर: यूपी के खतौली में शनिवार को हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद उत्तर रेलवे की मेरठ लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों को रविवार शाम छह बजे तक रद्द किया गया है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया है. पुरी-हरिद्वार कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस की 13 बोगियां दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर खतौली के समीप कल पटरी से उतर गईं. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई और तकरीबन 100 लोग घायल हो गए हैं. इसके बाद खतौली में बचाव अभियान चलाया जा रहा है.

दिल्ली मंडल के डीआरएम आर एन सिंह ने कहा, ''मेरठ लाइन पर पटरी से उतरी ट्रेन की बोगियों को अभी हटाया नहीं गया है जिससे इस लाइन पर सभी ट्रेनों को शाम छह बजे तक या तो रद्द किया गया है या उनका मार्ग परिवर्तन किया गया है.'' खतौली मेरठ लाइन पर आता है.दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे जोन के अंतर्गत आता है जिसके पास देश में कुछ सबसे व्यस्त स्टेशनों का प्रशासन है.

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उन्होंने कहा, ''ट्रेन की 23 बोगियां थी जिसमें से 13 पटरी से उतर गई. जब दुर्घटना हुई तो ट्रेन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी.'' सिंह ने कहा कि जब तक मार्ग साफ नहीं होता तब तक जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया वे शामली से होकर गुजरेंगी.

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यह ट्रेन ओडिशा के पुरी से आ रही थी और उत्तराखंड के हरिद्वार जा रही थी. आम तौर पर यह यात्रा करीब 36 घंटे की होती है. मुजफ्फरनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर खतौली में कल शाम हुई इस दुर्घटना में ट्रेन को गहरा नुकसान पहुंचा है. सिंह ने इस हादसे को ''अत्यंत चिंताजनक'' बताया.

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VIDEO: कलिंग उत्‍कल एक्‍सप्रेस ट्रेन से उतरी


कई स्थानीय लोगों और कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि जब हादसा हुआ तो ''मरम्मत का काम'' चल रहा था. इसके बारे में पूछे जाने पर डीआरएम ने कहा, ''यह नियमित कार्य था और रेल मंत्री ने पहले ही जांच के आदेश दिए हैं. रिपोर्ट को आने दीजिए, मैं इस पर और कुछ ज्यादा नहीं कह सकता.''

इनपुट: भाषा


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