मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा: कहीं बिना अनुमति तो नहीं हो रहा था पटरियों पर काम?

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रविवार शाम तक इस घटना के लिए जिम्‍मेदार लोगों की पहचान करने का भी आदेश दिया है

मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा:  कहीं बिना अनुमति तो नहीं हो रहा था पटरियों पर काम?

रेलवे के सुरक्षा आयुक्त शैलेष कुमार पाठक द्वारा सोमवार से जांच शुरू की जाएगी...

नई दिल्ली:

मुजफ्फरनगर में उत्‍कल एक्‍सप्रेस के पटरियों से उतरने के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने घटना की जांच करने के आदेश दिए. रविवार शाम रेलवे के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिए. उधर, रेलवे ने रविवार को संकेत दिया कि उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के पीछे की वजह लापरवाही हो सकती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच यह सुनिश्चित करेगी कि क्या पटरियों पर मरम्मत का काम बिना इजाजत के हो रहा था. रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद ने कहा कि यह 'स्पष्ट' नहीं था कि उस जगह पर किस तरह का काम हो रहा था.

उन्होंने कहा, "हालांकि, पटरियों पर होने वाले किसी भी तरह के काम के लिये एक नियमावली का पालन किया जाता है. हमारे यहां मरम्मत कार्यों के लिये नियमावली है जो रेलवे से जुड़ी किसी भी आधारभूत संरचना के काम के लिये दिशानिर्देश तय करती है." उन्होंने कहा कि जांच यह सुनिश्चित करेगी कि क्या पटरी पर मरम्मत का काम किया जा रहा था और ऐसा है तो क्या नियमों का पालन किया गया.

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रेलवे के सुरक्षा आयुक्त शैलेष कुमार पाठक द्वारा कल जांच शुरू की जाएगी. वह हर कोण से देखेंगे कि क्या "यह तोड़फोड़ है, तकनीकी चूक या मानवीय गलती". खतौली में घटनास्थल पर पहुंचे जमशेद ने कहा कि उन्होंने पटरियों पर मरम्मत के औजार देखे हैं. इस हादसे में 24 लोगों की मौत हुई थी.

उन्होंने कहा, "बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी है जिसकी हम जांच करेंगे. इसके साथ ही जब हमने मौके का निरीक्षण किया हमने वहां रेलवे के कुछ उपकरण देखे जिनका इस्तेमाल पटरियों की मरम्मत के लिये किया जाता है." जमशेद ने मरम्मत के लिये रेलवे द्वारा अपनायी जाने वाली प्रक्रिया का विवरण देते हुये हैरानी जताई कि क्या इस मामले में ऐसा हुआ.

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उन्होंने कहा, "स्थायी आधारसंरचना जिस पर रेल नेटवर्क चलता है जैसे पटरियां, उपरी उपकरण और सिग्नल का तय कार्यक्रम के मुताबिक नियमित रखरखाव होता है. संचालन के दौरान पटरियों का रखरखाव उन्हें जरूरत के हिसाब से बंद करके किया जाता है जिसके लिये समय और कार्यक्रम तय होता है. इस काम के लिये लिखित में अनुमति की जरूरत होती है."


उन्होंने कहा कि कई बार मरम्मत का काम आपातकालीन आधार पर जरूरी होता है, लेकिन इसके बावजूद, अगर अगले स्टेशन को सूचित किया जाता है तो आने वाली ट्रेनों को रोक दिया जाता है. उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जायेगी कि क्या इन प्रोटोकॉल का इस बार पालन किया गया था. उन्होंने कहा, "आज शाम तक हमें पता चलेगा कि क्या हमारा कोई कर्मचारी इसके लिये जिम्मेदार है."