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उत्तर प्रदेश: Mid Day Meal में मिला मरा हुआ चूहा, खाने से बिगड़ी 9 बच्चों की तबि‍यत

6ठी क्लास के छात्र शिवांग ने कहा, ''हां सर, हम जब चम्मच से दाल ले रहे थे तो हमने चूहे को दाल के कंटेनर में देखा था''.

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खास बातें

  1. मिड डे मील में चूहा मिलने से 9 बच्चों की बिगड़ी तबियत
  2. एक छात्र ने कहा, हमने दाल में देखा था मरा हुआ चूहा
  3. मिड डे मील बनाने वाली एनजीओ के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन
लखनऊ:

बच्चों में पोषण के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई मिड-डे मील योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक मंगलवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के एक स्कूल में मिड डे मील (Mid Day Meal) की दाल में मरा हुआ चूहा मिला. दाल में चूहे के होने की जानकारी मिलने तक कई बच्चे और स्टाफ ने खाना खा लिया था, जिस कारण उनकी तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

यह भी पढ़ें: मिड डे मील में नमक-रोटी का मामला: DM का अजीबोगरीब बयान

आपको बता दें, मिड डे मील योजना के तहत 6ठी से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को रोज स्कूल में भोजन दिया जाता है. मुजफ्फरनगर के इस स्कूल में रोजाना आने वाला मिड-डे मील, हापुड़ में स्थित जन कल्याण संस्था द्वारा बनाया जाता है. मंगलवार को मिड-डे मील का खाना खाने से 9 बच्चे और 1 शिक्षक की तबियत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और एक घंटे बाद उन्हें वापस भेज दिया गया. 

एक छात्र ने बताया कि उड़द दाल के कन्टेनर में मरा हुआ चूहा था. रिपोर्टर के सवाल करने पर 6ठी क्लास के छात्र शिवांग ने कहा, ''हां सर, हम जब चम्मच से दाल ले रहे थे तो हमने चूहे को दाल के कंटेनर में देखा था''. शिवांग ने आगे कहा, ''तब तक 15 बच्चों को खाना दिया जा चुका था''. 


यह भी पढ़ें: 'मिड डे मील' में भ्रष्टाचार की तस्वीर, 1 लीटर दूध में पानी मिलाकर 85 बच्चों को पिलाया!

वहीं रिपोर्टर से बात करते हुए स्थानीय शिक्षा अधिकारी, राम सागर त्रिपाठी ने इस घटना को लापरवाही का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा, ''मिड-डे मील योजना के तहत यह खाना जन कल्याण संस्था विकास कमिटी बनाती है और आज दाल के अंदर चूहा मिला. इसकी जानकारी मिलते ही हमने खाना देना बंद कर दिया. घटना में 9 बच्चों की तबियत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाकी सब ठीक हैं. यहां कोई दिक्कत नहीं है... यह केवल लापरवाही थी''. 

राम सागर त्रिपाठी ने यह भी कहा कि खाना बनाने वाली एनजीओ के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. 

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गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों से यूपी सरकार गलत कारणों से सुर्खियों में बनी हुई है. बता दें, पिछले हफ्ते ही सोनभद्र के एक स्कूल में 85 बच्चों को एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर पिलाए जाने का वीडियो सामने आया था. वीडियो में रसोइया, हाथ में स्टील का गिलास पकड़ कर दूध का इंतजार कर रहे बच्चों को मिलावट वाला दूध पिलाते हुए नजर आया था. 

वहीं सितंबर में मिर्जापुर के एक स्कूल में मिड-डे मील में बच्चों को नमक और रोटी खिलाए जाने का वीडियो सामने आया था.



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