NDTV Khabar

उत्तराखंड : शराब की दुकान खोलने का विरोध किया तो एसडीएम ने धमकाया

उत्तराखंड के यमकेश्वर का मामला, एसडीएम कमलेश मेहता का तर्क- अगर शराब की दुकान नहीं खुली तो लोग जहरीली शराब पी सकते हैं!

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
उत्तराखंड : शराब की दुकान खोलने का विरोध किया तो एसडीएम ने धमकाया

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. VIDEO में लोगों को धमकाते हुए दिख रहे एसडीएम
  2. कहा- दुकान संवैधानिक तरीके से आवंटित की गई है
  3. कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ की वजह से दुकान नहीं खुलने दे रहे
नई दिल्ली: उत्तराखंड के यमकेश्वर में शराब की दुकान खोलने के लिए एसडीएम एक वीडियो में लोगों को धमकाते दिख रहे हैं. यमकेश्वर और लैंन्सडाउन के एसडीएम कमलेश मेहता इस वीडियो में गांव के लोगों को "नेतागिरी" न करने को रह रहे हैं और "चुनौती" दे रहे हैं कि दुकान खोलने से रोकें. इसी वीडियो में एक महिला उनसे विनती करती दिखाई दे रही है. 

एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में मेहता ने वीडियो की पुष्टि की और कहा कि शराब की दुकान संवैधानिक तरीके से आवंटित की गई है और अगर शराब की दुकान नहीं खुली तो लोग जहरीली शराब पी सकते हैं. 

उत्तराखंड के गांवों में शराब के खिलाफ लोगों और खास तौर से महिलाओं का विरोध कोई नई बात नहीं है. यहां शराब का प्रकोप और शराब बंदी के लिए संघर्ष दिखता रहा है. बताया जाता है कि पिछले एक साल से गांव वाले शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं. लेकिन एसडीएम ने एनडीटीवी इंडिया से कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ की वजह से दुकान नहीं खुलने दे रहे. 

टिप्पणियां
VEDEO : जहरीली शराब से 10 की मौत

जब हमने एसडीएम मेहता से पूछा कि शराब कोई ज़रूरी सामग्री नहीं है और लोगों का विरोध होने के बाद भी उसे क्यों खोला जा रहा है तो एसडीएम ने कहा, "ये लोगों का नहीं बल्कि कुछ लोगों का ही विरोध है. शराब की दुकान कानूनी रूप से आवंटित हुई और जब एक जगह विरोध हुआ तो हमने दूसरी जगह इसके लिए चिन्हित की. लेकिन कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए विरोध कर रहे हैं. सबको खानपान की आज़ादी है और शराब की दुकान एक सरकारी नीति के तहत खुल रही है और अगर दुकान नहीं खुलेगी तो लोग ज़हरीली शराब पी सकते हैं."


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement