उज्बेक युवतियों की हत्या का मामला दिल्ली के बड़े सैक्स रैकेट से जुड़ा

उज्बेक युवतियों की हत्या का मामला दिल्ली के बड़े सैक्स रैकेट से जुड़ा

अताझानोवा शाखनोवा उर्फ नाज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

दो उज्बेक युवतियों की हत्या का आरोपी गगन की 4 दिन तक पुलिस हिरासत में रहेगा। पुलिस को इस हत्याकांड में गगन के साथ कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है। यह मामला दिल्ली के एक बड़े सैक्स रैकेट से जुड़ा है और गगन खुद उसी गिरोह का हिस्सा है। गगन ने पूछताछ में पहले शहनाज की हत्या में शामिल रही नाज के उज्बेकिस्तान भाग जाने की संभावना जताते हुए पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की थी लेकिन सख्ती बरतने पर उसने कबूल किया कि उसने नाज को भी मौत की नींद सुला दिया।

पुलिस को शहनाज के कई वीडियो मिले
गगन की पत्नी भी उज्बेकिस्तान की रहने वाली है। पुलिस अब मारी गई युवतियों नाज और शहनाज के कुछ दस्तावेज और पासपोर्ट बरामद करने की कोशिश कर रही है। पुलिस को शहनाज के कई वीडियो भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक शुकुरोवा उर्फ शहनाज और अताझानोवा शाखनोवा उर्फ नाज के बीच 8 लाख रुपये को लेकर विवाद था। इसी विवाद में पहले गगन ने नाज के साथ मिलकर शहनाज की गला दबाकर हत्या कर दी। उसका शव सूटकेस में रखकर हरियाणा के समालखा गया और उसे जला दिया। 15 नवंबर को जब मोबाइल की काल डिटेल्स के आधार पर गगन को गिरफ्तार किया गया तो उसने खुलासा किया कि 24 सितंबर को उसने शहनाज की हत्या कर दी।

दो उज्बेक युवतियों की हत्या का आरोपी गगन।

गगन ने की थी पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश
हरियाणा पुलिस ने शहनाज का शव 26 सितंबर को बरामद किया था और पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। पूछताछ में गगन ने पुलिस को यह भी बताया कि कि नाज नेपाल के रास्ते से उज्बेकिस्तान भाग गई होगी। लेकिन जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि 5 अक्टूबर को उसने गुड़गांव के एक फ्लैट में नाज की भी हत्या कर दी थी, क्योंकि वह शहनाज के कत्ल की इकलौती चश्मदीद थी। वह नाज के शव को भी सूटकेस में भरकर यूपी के हापुड़ ले गया और गन्ने के खेत में डालकर जला दिया। यूपी पुलिस ने शव के जले हुए अवशेष 6 अक्टूबर को बरामद किए थे और पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।

मानव तस्करी और देह व्यापार के एंगल से भी जांच
पुलिस इस मामले में मानव तस्करी और देह व्यापार के एंगल से भी जांच कर रही है। बीते साल नवंबर में नाज ने उज्बेक दूतावास को एक खत लिखा था जिसमें उसने बताया था कि वह कैसे भारत पहुंची और दलालों के चंगुल में फंसी। उसने यह भी कहा था कि उसकी जान को खतरा है।

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